जागरण टीम, पटना। Coronavirus Bihar News Update: बिहार में सोमवार को एक साथ कुल 177 कोरोना के पॉजिटिव मरीज मिले हैं, जिसके बाद राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 5247 गई। वहीं, सोमवार को भी एक मरीज की मौत हो गई। मृतक दरभंगा का रहने वाला था। यह कोरोना से 32वीं मौत है। दूसरी ओर पिछले 24 घंटे में महामारी की चपेट में रहे और 137 मरीज स्वस्थ हो गए। 5247 मरीजों में अब तक 2542 लोग ठीक हुए हैं। यह संख्या करीब-करीब कुल संक्रमितों की आधी है। इनमें एक्टिव केस की संख्या 2674 है।

स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि बिहार में भले ही कोरोना संक्रमण के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बावजूद इससे परेशान होने की या फिर डरने की दरकार नहीं है। पिछले साढ़े तीन महीने में कोरोना के करीब पांच हजार मामले मिले हैं। राज्य की आबादी में यह संख्या करीब .04 फीसद है। बिहार की आबादी अभी 12.50 करोड़ है। स्वास्थ्य विभाग ने 7 मार्च से 8 जून के बीच 1,02,318 सैंपल की जांच की है, जिसमें 5.12 फीसद लोगों में कोरोना संक्रमण पाया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के सचिव ने बताया कि सोमवार को मुजफ्फरपुर से 13, मुंगेर से 11, पश्चिम चंपारण से 5, कटिहार से 5, पटना से 8, गया से 6, गोपालगंज से 2, सुपौल से 4, वैशाली से 4, मधुबनी से 19, बक्सर से 10, रोहतास से 11, अरवल से 4, भोजपुर से 1, अररिया से 5, शेखपुरा से 6, समस्तीपुर से 3, किशनगंज से 3, मधेपुरा से 2, सहरसा से 3 और सिवान से 28 संक्रमित मिले हैं। इनके साथ ही बांका से 5, पूर्णिया से 9 और भागलपुर से 3 तथा नवादा से 5 संक्रमित मिले हैं।

सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना से एक और मौत की पुष्टि की है। अन्य राज्य से लौटा यह व्यक्ति दरभंगा का रहने वाला था। जिसकी मौत जिसकी दो दिन पहले हो गई थी। जांच में आज इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस मौत के बाद राज्य में कोरोना से मरने वालों की संख्या 32 हो गई है। 

सीएम नीतीश कुमार ने दिए दिशा निर्देश

बिहार में कोरोना के बढ़ते मामलों को देख मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सजग और सतर्क रहने के निर्देश दिए।

गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज की ही हुई है अब तक मौत

बिहार में भले ही कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन कोरोना संक्रमण से मौत के आंकड़े बहुत कम हैं। एक या दो मौत को छोड़ दें तो कोरोना से राज्य में वही लोग मरे हैं जो कैंसर, किडनी, ब्रेन ट्यूमर अथवा अस्थमा के गंभीर मरीज रहे थे।

पटना के अस्पताल के जेनेटिक लैब में होगी जीन की खोज

कोरोना संक्रमितों और मरीजों की मौत की बात करें तो बिहार के लोगों में कोई ऐसा जीन है जिसके कारण कोरोना का कहर यहां कम है। इस वायरस को हराकर यहां के लोग जल्दी स्वस्थ हो रहे हैं। अब पटना के आइजीआइएमएस अस्पताल की जेनेटिक लैब में इस जीन की खोज होगी। खोज के बाद कोरोना को मात देने या उसे खत्म करने वाली जीन को बढ़ावा दिया जाएगा।  

आइजीआइएमएस के निदेशक डॉक्टर एनआर विश्वास ने बताया कि इसके लिए आइजीआइएमएस में एडवांस मॉलिक्यूलर जेनेटिक लैब की स्थापना की गई है। इस लैब में अलग-अलग मानव शरीर पर कोरोना के असर की भी जानकारी एकत्रित की जाएगी।

बिहार में कोरोना से मृत्यु दर कम, होगी रिसर्च 

उन्होंने बताया कि उन कारणों की भी खोज होगी, जिसके कारण बिहार के लोगों पर अन्य राज्यों की अपेक्षा कोरोना का कहर कम पड़ रहा है। जिस गति से कोरोना से महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली अथवा अन्य राज्यों में मृत्यु हुई है, उसके अपेक्षा बिहार में यह कम क्यों है? इसके लिए महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली के कोरोना संक्रमितों के जीन की तुलना बिहार के संक्रमितों के जीन से की जाएगी। जो जीन कोरोना को कमजोर कर रहा है, उसको विकसित करने का प्रयास भी किया जाएगा। 

 

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