पटना मेट्रो चल पड़ी... विजय की चुटकी; बिजेंद्र का जवाब और CM सम्राट का इशारा, 3 KM के सफर में खूब लगे ठहाके
पटना मेट्रो के मलाही पकड़ी स्टेशन के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने 3 किलोमीटर की ...और पढ़ें
HighLights
पटना मेट्रो के मलाही पकड़ी स्टेशन का उद्घाटन हुआ।
सीएम और उपमुख्यमंत्रियों ने 3 किमी की यात्रा की।
यात्रा के दौरान नेताओं के बीच हंसी-मजाक का माहौल रहा।
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार को मेट्रो चल पड़ी... 3 किलोमीटर का यह पहला सफर हंसी-मजाक और ठहाकों वाला रहा।
दरअसल, मलाही पकड़ी स्टेशन पर उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जब दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव के साथ मेट्रो में सवार हुए थे।
उनके साथ मंत्री नीतीश मिश्रा और अन्य अधिकारी भी थे। सभी भूतनाथ स्टेशन पर उतरे। हालांकि, यह छोटी सी यात्रा काफी खुशनुमा माहौल में पूरी हुई।

3KM के सफर में क्या कुछ हुआ?
पटना मेट्रो का 3 किलोमीटर का यह पहला सफर सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा। यात्रा में नेताओं के बीच ऐसी आत्मीय बातचीत हुई कि मेट्रो की बोगी में कई बार ठहाके गूंजे।
आमतौर पर सरकारी निरीक्षण यात्राओं में औपचारिकता ज्यादा नजर आती है, लेकिन गुरुवार को पटना मेट्रो के इस सफर का माहौल बिल्कुल अलग था।
मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री एक तरफ तो सामने की सीट पर जदयू के वरिष्ठ नेता संजय सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मेट्रो परियोजना से जुड़े अधिकारी दीपक कुमार और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
बीच-बीच में अधिकारी मेट्रो परियोजना की तकनीकी जानकारी भी देते रहे, लेकिन नेताओं की सहज बातचीत लगातार माहौल को हल्का बनाए रखी। इसका वीडियो सीएम ने अपने एक्स हैंडल पर साझा किया है।
जिलों की चर्चा और फिर सुपौल पर छिड़ी ठिठोली
बातों-बातों में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के कई जिलों दरभंगा, खगड़िया, शिवहर और सिवान का जिक्र किया। कुछ इशारे भी किए।
तभी उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी मुस्कुराए और बोले, 'कोई कहीं का हो, लेकिन बिना सुपौल के काम नहीं चलेगा, माथा वहीं है।'
उनका इशारा दूसरे उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव की ओर था, जिनकी राजनीति का केंद्र सुपौल रहा है। यह सुनते ही पूरे कंपार्टमेंट में हंसी गूंज उठी। बिजेंद्र प्रसाद यादव भी मुस्कुराए बिना नहीं रह सके।

सिलीगुड़ी से किशनगंज तक पहुंच गई बात
कुछ देर बाद बातचीत बिहार से निकलकर नेपाल सीमा और पूर्वोत्तर भारत तक पहुंच गई। किसी ने ढाई घंटे में सिलीगुड़ी पहुंचने की चर्चा छेड़ी तो विजय कुमार चौधरी ने फिर मजाकिया अंदाज में कहा, 'आप सुपौल की जगह किशनगंज कर लीजिए, जानते नहीं हैं ये।'
बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी तुरंत मुस्कुराते हुए जवाब दिया, 'किशनगंज तो हो ही गया है।' जवाब सुनते ही एक बार फिर पूरा डिब्बा ठहाकों से गूंज उठा।
'अगला स्टेशन भूतनाथ है'... और बदल गया चर्चा का विषय
इसी बीच मेट्रो के स्वचालित उद्घोषणा सिस्टम से आवाज आई, 'अगला स्टेशन भूतनाथ है।' बस फिर क्या था, बातचीत का विषय भी बदल गया।
बाबा भूतनाथ का जिक्र छिड़ा और कुछ देर तक उसी पर हल्की-फुल्की चर्चा चलती रही। कुछ नेता मुस्कुरा रहे थे तो कुछ चुटीले अंदाज में अपनी बातें जोड़ रहे थे।
औपचारिकता से ज्यादा अपनापन दिखा
पूरे सफर के दौरान मुख्यमंत्री कभी अधिकारियों से परियोजना की जानकारी लेते नजर आए तो कभी साथ बैठे नेताओं से हंसते-बोलते।
चेहरे पर सहज मुस्कान और बीच-बीच में इशारों के साथ चल रही बातचीत ने इस यात्रा को औपचारिक कार्यक्रम से कहीं ज्यादा आत्मीय बना दिया।
अंत में दी बधाई, फिर उतरे भूतनाथ स्टेशन पर
कुछ ही मिनटों बाद मेट्रो भूतनाथ स्टेशन पहुंच गई। स्टेशन पर उतरने से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मेट्रो परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि पटना मेट्रो का विस्तार राजधानी के लोगों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगा और पूर्वी पटना के लाखों यात्रियों को जाम से राहत के साथ तेज एवं सुरक्षित यात्रा का विकल्प मिलेगा।
मलाही पकड़ी तक मेट्रो सेवा शुरू होने के साथ पटना मेट्रो के विस्तार का एक नया अध्याय तो जुड़ा ही, लेकिन उद्घाटन के बाद का यह छोटा-सा सफर नेताओं की सहज बातचीत और ठहाकों की वजह से भी यादगार बन गया।
