पटना (दानापुर) : दो दिन पूर्व जिस स्वर्ण व्यवसायी मुकेश कुमार उर्फ डब्लू का पुतला बनाकर अंतिम संस्कार किया गया था, रविवार को उसके पार्थिव शरीर की अंत्येष्टि कर दी गई। अपने पिता को मुखाग्नि देते ही आदर्श चित्कार कर उठा। हत्या के नौंवें दिन शनिवार की रात स्वजन मुकेश का शव लेकर मोतिहारी से सुल्तानपुर स्थित घर पहुंचे। अंतिम दर्शन को लेकर मुकेश के मित्र व स्वजनों की भीड़ लग गई। मोतिहारी के चिरैया से ताबूत में रखे शव को लेकर स्वजन देर रात दानापुर पहुंचे। शव देखते ही पत्नी पिंकी देवी, बहन मधु, बच्चे आदर्श व अमरनाथ और भाई राकेश का रो-रो कर बुरा हाल था। बताया जाता है कि 11 जनवरी की सुबह चिरैया थाना क्षेत्र में पुलिस को अज्ञात अवस्था में मुकेश की हत्या कर फेंका गया शव मिला था, जिसे पुलिस ने 72 घटे के बाद शव को दफना दिया था। हालांकि इसकी जानकारी मुकेश के स्वजन को नहीं हुई थी। उन्हें बताया गया कि शव का अंतिम क्रिया कर दिया गया था, जिसके बाद मुकेश के स्वजनों ने पुतला बनाकर 16 जनवरी को अंतिम संस्कार किया। मुकेश के स्वजनों को 17 को अखबार में प्रकाशित समाचार से शव दफनाने की जानकारी मिली। इसके बाद स्वजन मोतिहारी के चिरैया थाना पहुंचे। मृतक के चाचा ने बताया कि चिरैया अनुमंडल प्रशासन के सहयोग से शव रात में मिला। मालूम हो कि 10 जनवरी को 12 बजे दिन में मोबाइल पर आए कॉल के बाद खरंजारोड स्थित दुकान से सुल्तानपुर निवासी मुकेश कुमार गुप्ता बाइक से निकला था। उसके बाद वह नहीं लौटा। उसके मोबाइल पर फोन किया गया मगर कोई जवाब नहीं मिला। तीन बजे फोन किया गया तो वह बात हुई और कहा कि वह भइया लोग के साथ बैठा है। एक भइया को भेज रहा हूं उसको चार झुमका, चार मंगलसूत्र व चार अंगूठी दे देना। करीब आधे घटे बाद मुकेश की बाइक लेकर एक युवक दुकान पर आया। राकेश ने उसको पौने दो लाख का जेवरात दे दिया। फिर मुकेश का मोबाइल बंद आने लगा। 16 जनवरी की जानकारी मिली कि मोतिहारी के चिरैया पुलिस को 11 जनवरी को हत्या कर फेंका गया मुकेश का शव बरामद हुआ था।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस