पटना। पूर्व सांसद और राजद सुप्रीमो लालू यादव के साले साधु यादव पर पाटलिपुत्र बिल्डर्स के बिल्डर अनिल सिंह ने 50 लाख रुपए रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। बुधवार की रात बिल्डर अनिल सिंह ने साधु के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।

इस मामले में साधु यादव ने कहा था कि झपर लगा आरोप निराधार है। मैंने किसी से रंगदारी नहीं मांगी है। सबको मालूम है कि मेरा रिश्ता किस परिवार से है और मेरे जरिये सरकार को बदनाम करने की साजिश की जा रही है।

इस पर पलटवार करते हुए जदयू प्रवक्ता नीरज ने कहा कि साधु यादव का महागठबंधन से कोई सरोकार नहीं है। वे बेवजह महागठबंधन का नाम ले रहे हैं। नीरज ने कहा कि साधु यादव तो पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के करीबी हैं। रंगदारी मामले में जो भी दोषी होगा उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

क्या कहा था साधु यादव ने

साधु यादव ने रंंगदारी मांगने के आरोप को साफ नकारते हुए कहा कि मुझपर लगा आरोप निराधार है। मैंने किसी से रंगदारी नहीं मांगी है और जो बिल्डर आरोप लगा रहे उन्हें मै पहले से भी जानता हूं। साधु ने कहा सबको मालूम है कि मेरा रिश्ता किस परिवार से है और मेरे जरिये सरकार को बदनाम करने की साजिश की जा रही है।

साधु ने कहा कि मेरे एक परिचित ठेकेदार प्रेमचंद ने एक फ्लैट बुक कराया था और अनिल सिंह पैसे के लेन-देन को लेकर उसे परेशान कर रहे थे। उसने मुझसे कहा इसीलिए मैंने अनिल सिंह को कॉल किया था और कहा था कि ठेकेदार का पैसा दे दो या फ्लैट दे दो और ये भी कहा था कि कोई मामला है तो आपस में सुलझा लो।

क्या है मामला

बिल्डर का कहना है कि शाम 5 बजे उनके मोबाइल पर कॉल करके साधु यादव ने गालीगलौज करते हुए 50 लाख रुपए रंगदारी मांगी आैर नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। मोबाइल नंबर 9931782600 से आए पहले कॉल को उन्होंने रिसीव नहीं किया था। दूसरा कॉल रिसीव करने पर कॉल करने वाले ने खुद को साधु यादव बताते हुए रंगदारी के लिए धमकाया।

कहा डीएसपी ने

थाने में दर्ज एफआइआर के बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। इस बाबत कोतवाली डीएसपी शिबली नोमानी ने बताया कि बिल्डर के आवेदन पर रंगदारी का मामला दर्ज कर संबंधित मोबाइल नंबरों व अन्य पहलुओं पर तफ्तीश की जा रही है।

वैसे बिल्डर अनिल सिंह भी जालसाजी व अन्य केसों में पहले से चार्जशीटेड है। उसके खिलाफ दर्ज कई संगीन मामलों में जांच जारी है। गौरतलब है कि साधु यादव गरीब जनता दल (सेक्युलर) के प्रमुख और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के साले हैं।

तीसरे पक्ष के आरोप के बाद पेंचीदा हुआ मामला

वहीं तफ्तीश के बाद कल देर रात इस मामले में एक तीसरा पक्ष भी सामने आया है और अब इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है। नए मामले में दिल्ली (द्वारिका, सेक्टर 4) निवासी ठेकेदार प्रेमचंद ने बिल्डर अनिल सिंह पर ही धोखाधड़ी व धमकाने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ केस करने की बात कही।

प्रेमचंद के मुताबिक वर्ष 2012 में उन्होंने कुम्हरार में बन रही बिल्डिंग (उपासना, पाटलिपुत्र ग्राम) में अपने व भुवनेश्वर निवासी बहनोई डॉ. उदय भानू के नाम पर दो फ्लैटों (आई-503 व एच-501) की बुकिंग करते हुए बिल्डर के साथ बाकायदा एग्रीमेंट किया था। कैश व बैंक के जरिए पूरी कीमत कुल 76 लाख रुपए (38-38 लाख) भुगतान किए।

बीते 10 दिनों से फ्लैट की रजिस्ट्री कराने के लिए पटना में चक्कर काट रहे हैं लेकिन बिल्डर दोनों फ्लैट के लिए अब 30 लाख रुपए (15-15 लाख) आैर मांग रहा है। इस नाजायज डिमांड पर आपत्ति करने पर धमकाते हुए रजिस्ट्री से इनकार करने लगा। इसके बाद वे परिचित पूर्व सांसद साधु यादव के पास इंसाफ-मदद के लिए गए थे। जमुई के मूल निवासी प्रेमचंद दो दशक से दिल्ली में रहते हैं।

कहा ठेकेदार प्रेमचंद्र ने

कारोबारी प्रेमचंद्र ने कहा कि साधु यादव से मैंने मदद मांगी थी। बिल्डर अनिल सिंह ने पैसे लेकर मुझे अबतक फ्लैट नहीं दिया है। मैंने नीतीश सरकार को देखकर बिहार में इन्वेस्ट किया था। इसके लिए मैं सीएम नीतीश के पास भी गुहार लगाउंगा।

Posted By: Amit Alok