जागरण संवाददाता, पटना। Bihar News: राष्‍ट्रीय जनता दल अध्‍यक्ष लालू प्रसाद यादव (RJD Chief Lalu Prasad Yadav) को किडनी का इलाज कराने सिंगापुर जाना है। इसके लिए उनका परिवार काफी समय से कोशिश कर रहा है। लेकिन, कई मुकदमों में घिरे और कई मामलों में सजायाफ्ता राजद अध्‍यक्ष के लिए यह इतना आसान नहीं है। दरअसल, उन्‍हें देश छोड़ने से पहले अलग-अलग न्‍यायालयों से अनुमति लेनी है। बारी-बारी से वे इस बारे में अनुमति हासिल करने में जुटे हैं।

रांची की अदालत के बाद पटना में लगाई थी अर्जी 

कुछ दिनों पहले लालू यादव की ओर से उनके वकील ने झारखंड की अदालत में विदेश जाने की अनुमति के लिए अर्जी लगाई थी। दरअसल, राजद अध्‍यक्ष के खिलाफ चारा घोटाले के बड़े मामले झारखंड की कोर्ट में ही हैं। झारखंड की अदालत से अनुमति मिलने के बाद लालू यादव ने पटना की सीबीआइ कोर्ट से अनुमति की अर्जी लगाई थी। 

पटना की अदालत ने भी मंजूर की अर्जी 

पशुपालन घोटाला की सुनवाई कर रहे सीबीआई के विशेष जज महेश कुमार की अदालत ने राजद सुप्रीमो सह बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को विदेश जाने की अनुमति गुरुवार को प्रदान कर दी। अदालत ने सीबीआइ का पक्ष सुनने के बाद यह अनुमति दी है। लालू प्रसाद  यादव के अधिवक्ता सुधीर कुमार सिन्हा ने बुधवार को विशेष कोर्ट में आवेदन देकर कहा था कि लालू प्रसाद यादव को इलाज कराने के लिए विदेश जाना अतिआवश्यक है।

अब तक पांच मामलों में मिली अनुमति

अधिवक्ता ने अदालत को बताया था कि रांची में चल रहे पशुपालन घोटाला से संबंधित पांच मामलों में अदालत से लालू प्रसाद यादव को विदेश जाने की अनुमति मिल गई है। आवेदन के बाद अदालत ने सुनवाई के लिए 22 सितंबर की तारीख मुकर्रर की थी। पशुपालन घोटाला से संबंधित एक मामला सीबीआई की अदालत में लंबित है। यह मामला गवाही पर चल रहा है। 

तेजस्‍वी यादव लगातार चिंतित 

बिहार के उप मुख्‍यमंत्री तेजस्‍वी यादव अपने पिता लालू यादव की सेहत को लेकर लगातार चिंतित हैं। लालू यादव की किडनी काफी हद तक क्षतिग्रस्‍त हो चुकी है। सिंगापुर में किडनी का इलाज बेहतर हो सकता है। वहां लालू यादव की दूसरे नंबर की बेटी रोहिणी आचार्य भी रहती हैं। उम्‍मीद है कि कानूनी औपचारिकता पूरी होते ही लालू यादव सिंगापुर रवाना हो जाएंगे। इससे पहले वे अपनी छोटी बहू और तेजस्‍वी यादव की पत्‍नी राजश्री को लेकर अपने पैतृक गांव गोपालगंज के फुलवरिया जाने वाले हैं। 

Edited By: Shubh Narayan Pathak