पटना, राज्य ब्यूरो। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राष्‍ट्रीय जनता दल ने चाल, चरित्र और चेहरा बदलने की कवायद शुरू कर दिया है। राज्यसभा चुनाव के बहाने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने पार्टी के परंपरागत मुस्लिम-यादव समीकरण (माय समीकरण) से अलग सवर्ण मतदाताओं को रिझाने की पहल की है।

बिहार से राज्यसभा के लिए अपने कोटे की दो सीटों में से एक के लिए लालू ने भूमिहार जाति के प्रसिद्ध व्यवसायी अमरेंद्र धारी सिंह (एडी सिंह) पर भरोसा किया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं लालू के पुराने सहयोगी प्रेमचंद गुप्ता को भी आरजेडी ने राज्यसभा भेजने की तैयारी कर ली है। पार्टी के दोनों प्रत्याशियों ने गुरुवार को नामांकन भी कर दिया है।

विधानसभा चुनाव से पहले सामाजिक दायरे में विस्तार का प्रयास

लालू के इस कदम को विधानसभा चुनाव से पहले आरजेडी के सामाजिक दायरे में विस्तार का प्रयास माना जा रहा है। इसके पहले लालू ने राजपूत जाति के जगदानंद सिंह को प्रदेश आरजेडी की कमान सौंपी थी। प्रेमचंद एवं एडी सिंह के नामांकन के वक्त विधानसभा सचिवालय में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह और राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव भी मौजूद थे।

चार साल से लालू से जुड़े हैं व्यवसायी अमरेंद्र धारी सिंह

आरजेडी के प्रत्याशी अमरेंद्र धारी सिंह पेशे से व्यवसायी हैं। उनका आयात-निर्यात और रियल एस्टेट का कारोबार है। उनके बारे में लोग कम ही जानते हैं। जगदानंद सिंह ने उनके बारे में केवल इतना बताया कि वे पटना जिले के दुल्हिन बाजार के पास ऐन खां गांव से आते हैं और भूमिहार जाति से हैं। वे व्यवसायी के साथ सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। भोला यादव के मुताबिक एडी सिंह पिछले करीब चार साल से लालू से जुड़े थे। पिछली बार इन्होंने राजद की राष्ट्रीय कार्यपरिषद की बैठक में भी शिरकत की थी।

वैसे, अमरेंद्र धारी सिंह का एक परिचय और है। वे पूर्व डीजीपी अभयानंद द्वारा चलाए जा रहे 'अभयानंद सुपर-30' के संरक्षक भी हैं। संस्था प्रति वर्ष 30 गरीब एवं प्रतिभावान बच्चों को इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए नि:शुल्क तैयारी कराती है। हालांकि, अमरेंद्र धारी सिंह के राजनीति में जाने के बाद अब अभयानंद ने संस्‍था से खुद को अलग करने की घोषणा की है।

बिहार की राजनीति में जाना-पहचाना नाम है प्रेमचंद गुप्ता

बिहार की राजनीति में प्रेमचंद गुप्ता का नाम जाना-पहचाना है। उन्हें लालू परिवार का बेहद करीबी माना जाता है। हरियाणा के मूल निवासी प्रेमचंद गुप्ता संयुक्‍त प्रगतिशील गठबंधन की मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री भी थे। बाद में उनका नाम रेलवे टेंडर घोटाले से जुड़ा और इसी दौरान लालू परिवार से दूरियां भी बढ़ गईं। किंतु बाद में संबंध सामान्य हो गए। प्रेम गुप्ता अति पिछड़े वर्ग से आते हैं।

Posted By: Amit Alok

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