जमुई के कुकुरझप डैम की बदलेगी तस्वीर, जंगल-पहाड़ियों के बीच बनेंगे कॉटेज और जिपलाइन; खुलेंगे रोजगार के रास्ते
बिहार के जमुई जिले में कुकुरझप डैम को अत्याधुनिक इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना में जिपलाइन, साइक्लिंग और कॉटेज जैसी सुविधाएं होंगी।

प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर कुकुरझप डैम की बदलेगी तस्वीर
HighLights
कुकुरझप डैम को इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जा रहा।
जिपलाइन, साइक्लिंग और आधुनिक कॉटेज जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने और प्राकृतिक स्थलों को पर्यटन के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास तेज किए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में जमुई जिले के बरहट प्रखंड स्थित कुकुरझप डैम को अत्याधुनिक इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के तहत प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
जिपलाइन और साइक्लिंग जैसी गतिविधियों की मिलेगी सुविधा
कुकुरझप डैम और उसके आसपास का क्षेत्र जंगलों, पहाड़ियों और जलाशय की प्राकृतिक सुंदरता से समृद्ध है। इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल अपनाने की योजना है।
बिहार राज्य इको-टूरिज्म डेवलपमेंट सोसाइटी की देखरेख में प्रस्तावित परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। योजना के तहत यहां जिपलाइन, साइक्लिंग सहित विभिन्न एडवेंचर गतिविधियों की सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा पर्यटकों के ठहरने के लिए आधुनिक कॉटेज भी बनाए जाने की योजना है। इससे पर्यटक प्राकृतिक वातावरण के बीच अधिक समय बिता सकेंगे और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर
कुकुरझप डैम को इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने का उद्देश्य पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देना है।
पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
गाइड, खानपान, परिवहन, कॉटेज प्रबंधन और एडवेंचर गतिविधियों से जुड़े क्षेत्रों में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाई जा सकती है।
पर्यावरण विभाग की पहल के तहत प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यटन विकास के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को सुरक्षित रखते हुए पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जा सके।
भट्ठाकोल जलस्रोत को भी पर्यटन से जोड़ने की तैयारी
जमुई जिले में कुकुरझप डैम के साथ चोरमारा स्थित भट्ठाकोल जलस्रोत को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल की जा रही है।
प्राकृतिक जलस्रोत और आसपास का वन क्षेत्र इस स्थल को पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाते हैं। इन स्थलों को विकसित करने से जिले में इको-टूरिज्म की संभावनाओं का विस्तार हो सकता है।
इको-टूरिज्म से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर
जमुई का कुकुरझप डैम लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों के कारण चर्चा में रहा है। अब इस क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा को पर्यटन के माध्यम से नई पहचान दिलाने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
प्रस्तावित योजना के धरातल पर उतरने से कुकुरझप डैम प्रकृति प्रेमियों और रोमांचक गतिविधियों में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
