जितेंद्र कुमार, पटना। चुनाव में निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक मतदान के दौरान बूथों का निरीक्षण करेंगे लेकिन उनके पास पीठासीन पदाधिकारी को निर्देश देने का अधिकार नहीं होगा। बूथ में केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों के साथ ही पुलिस पदाधिकारी या जवान का प्रवेश वर्जित रहेगा। चुनाव आयोग ने इस आशय के लिए दिशा निर्देश पुस्तिका जारी की है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार बूथ के अंदर आठ तरह के लोगों को ही प्रवेश करने का अधिकार रहेगा।

बूथ के अंदर कौन कर सकेगा प्रवेश

1. मतदान पदाधिकारी

2. उम्मीदवार या उम्मीदवार के प्राधिकृत पोलिंग एजेंट

3. चुनाव आयोग द्वारा प्राधिकार पत्र वाले मीडिया कर्मी

4. माइक्रो आब्जर्बर

5. चुनाव कार्य के लिए प्रतिनियुक्त लोक सेवक

6 निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक

7. यदि मतदाता के गोद में बच्चा हो

8. दिव्यांग अथवा दृष्टिहीन वोटर के साथ सहयोग करने वाला 18 वर्ष से कम उम्र का कोई एक व्यक्ति हो सकता है। यदि पीठासीन पदाधिकारी चाहे तो अपनी अनुमति से कोई व्यक्ति जिनकी जरूरत वोटर की पहचान कराने के लिए जरूरी हो बूथ के भीतर जा सकते हैं।

लोक सेवक में पुलिस शब्द नहीं

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार निर्वाचन कार्य में लोक सेवक शब्द में पुलिस कर्मी को शामिल नहीं किया गया है। इसलिए पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल सादे लिबास में हो या वर्दी में उन्हें बूथ के भीतर प्रवेश नहीं करना है। विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने पर पीठासीन पदाधिकारी पुलिस पदाधिकारी अथवा पुलिस बल को बूथ के अंदर बुला सकते हैं। इसी तरह उम्मीदवार या उनके अभिकर्ता, मंत्री, विधायक जिन्हें सुरक्षा गार्ड प्राप्त है वे बूथ के बाहर अंगरक्षक छोड़ देंगे। मतदान केंद्र के भीतर किसी भी सूरत में पुलिस बल का सशस्त्र प्रवेश वर्जित किया गया है।

प्रेक्षक  के लिए जरूरी बातें

निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक बूथों की जांच के लिए जायेंगे लेकिन मतदान प्रक्रिया के संबंध में पीठासीन पदाधिकारी को कोई निर्देश नहीं दे सकेंगे। आयोग के प्रेक्षक बूथ पर मतदान से संबंधित सूचनाएं मांग करेंगे जिसे पीठासीन पदाधिकारी को उपलब्ध कराना है। प्रेक्षक कोई निर्देश नहीं दे सकते है। वोटर को सुविधा देने संबंधित कोई सुझाव दे सकते हैं, जिस पर विचार किया जा सकता है। मतदान केंद्र पर कोई समस्या हो तो प्रेक्षक को अवगत कराया जा सकता है। प्रेक्षक के प्रतिनिधि के रूप में बूथों पर माइक्रो आब्जर्बर मतदान प्रक्रिया की निगरानी करते रहेंगे।

मतदान शुरू होने के पूर्व मॉक पोल

मतदान शुरू होने के पहले उम्मीदवारों के अभिकर्ता के समक्ष मॉक पोल की प्रक्रिया अपनानी होगी। इवीएम की सील पर प्रत्याशी के अभिकर्ता का हस्ताक्षर होना चाहिए। रजिस्टर 17 ए में सभी वोटरों का हस्ताक्षर अथवा अंगुठे का निशान होना जरूरी है। वोटरों की अंगुली में अमिट स्याही और उचित पहचान के आधार पर मतदान सुनिश्चित कराना है। बूथ पर धूमपान वर्जित रहेगा। यदि कोई धूमपान करना चाहे तो बिना मतदान बाधित हुए बूथ के बाहर जा सकता है।

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Posted By: Akshay Pandey

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