पटना [जेएनएन]।  रविवार वीआइपी मूवमेंट का दिन था। यह जानते हुए भी एयरपोर्ट और सीआइएसएफ प्रशासन ने कोई खास इंतजाम नहीं किए। इसका नतीजा यह हुआ कि दोपहर बाद ट्रैफिक बढ़ते ही एयरपोर्ट पर भीड़ और अफरातफरी का माहौल हो गया। वैसे लगभग रोज ऐसा दृश्य बनता है। यह कुव्यवस्था दूर करने के बजाय प्रशासन के पास टर्मिनल छोटा होने का रेडीमेड बहाना रहता है।

40 से अधिक वीवीआइपी पहुंचे थे पटना

डिप्टी सीएम सुशील मोदी के बेटे की शादी में शामिल होने के लिए रविवार को कई राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और केन्द्रीय मंत्रियों समेत 40 से अधिक वीवीआइपी पटना पहुंचे। एयरपोर्ट प्रशासन ने इनकी अगवानी में बेशक कोई कसर नहीं छोड़ी, पर आम यात्रियों को उनके हाल पर छोड़ दिया।

 

यदि किसी यात्री ने अपनी असुविधा के बारे में सीआइएसएफ अधिकारियों से बात करने की कोशिश की तो उन्हें झिड़क और दुव्र्यवहार का सामना करना पड़ा। इन हालात में सीआइएसएफ कर्मियों और यात्रियों के बीच वाद-विवाद, उत्तेजना और डांट-डपट के दृश्य आम हैं यद्यपि हर बात का खामियाजा अंतत: यात्रियों को ही भुगतना पड़ता है। 

 

कहा- कमांडेंट, सीआइएसएफ ने 

''यात्रियों के अनुपात में सुरक्षाकर्मियों की संख्या काफी कम है। सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रबंधन की ओर से कई मर्तबा अनुरोध किया गया है। विमानों की संख्या बढ़ती जा रही है और सुरक्षाकर्मियों की संख्या जस की तस है। इसके बावजूद सारे जवान ड्यूटी पर चौकस हैं। उनसे किसी भी यात्री ने दुव्र्यवहार की शिकायत नहीं की है। हां, जवान सुरक्षा मामलों में कोई समझौता नहीं कर सकते हैं। 

 - विशाल दुबे, कमांडेंट सीआइएसएफ

Posted By: Kajal Kumari

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