पटना [जागरण टीम]। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक परीक्षा का रिजल्‍ट जारी कर दिया गया है। इस बार बेटियों का दबदबा रहा। टॉप-तीन स्थान पर चार लड़कियों को नाम हैं। खास बात यह है कि चारों जमुई के सिमुलतला विद्यालय की छात्राएं हैं। टॉप-10 में कुल 23 छात्र-छात्राएं हैं, जिसमें 16 सिमुलतला के विद्यार्थी हैं। इस बार मैट्रिक में कुल 68.89 फीसद परीक्षार्थियों ने सफलता हासिल की है। पिछले वर्ष की तुलना में 18.77 फीसद अधिक परीक्षार्थी पास हुए हैं। आइए जानते हैं टॉपरों की सफलता की कहानी उनकी जुबानी:-

डॉक्टर बन गरीब की सेवा करना चाहती है प्रेरणा

सिमुलतला आवासीय विद्यालय, जमुई से मैट्रिक की परीक्षा में सर्वोच्च अंक हासिल कर टॉपर बनने का गौरव हासिल करने वाली प्रेरणा राज डॉक्टर बन कर गरीबों की सेवा करना चाहती है। प्रेरणा के पिता प्रीतम कुमार ने बताया कि उसने अपना लक्ष्य पहले से ही निर्धारित कर रखा है। वह डॉक्टर बनना चाहती है।

कक्षा पांच तक किशनपुर अमखोरिया पंचायत के जगन्नाथपुर गांव में माता- पिता के साथ रहकर पढ़ाई करने वाली प्रेरणा हमेशा अव्वल आती रही है। मध्य विद्यालय, चंदरपुर में नियोजित शिक्षक के पद पर कार्यरत प्रेरणा के पिता प्रीतम कुमार बताते हैं कि वह बचपन से ही पढऩे में मेधावी रही है। कक्षा में हमेशा प्रथम आती रही। प्रेरणा की मां पिंकी देवी आशा कार्यकर्ता है। प्रेरणा की इस सफलता से किशनपुर अमखोरिया पंचायत में जश्न का माहौल है।

प्रेरणा के पिता ने कहा कि मैट्रिक की परीक्षा देने के बाद अभी पटना में रहकर सहपाठी चांदनी के साथ वह 11वीं की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रेरणा का नवोदय में नामांकन हुआ था। पर चयन के बाद उसने सिमुलतला स्कूल में पढ़ाई करने का फैसला किया।

डॉक्टर बनना चाहती है प्रज्ञा कुमारी, मैट्रिक की परीक्षा में मिला दूसरा स्थान

मैट्रिक परीक्षा-2018 में सूबे में दूसरे स्थान पर पश्चिमी चंपारण जिले के मोतिहारी शहर के गांधी नगर, रमना निवासी विनीता कुमारी और प्रमोद कुमार की पुत्री प्रज्ञा कुमारी रही। उसे 454 अंक (90.08 फीसद) मिले। प्रज्ञा सिमुलतला स्कूल, जमुई की छात्रा है। वह डॉक्टर बनना चाहती है। शिक्षिका मां का कहना है कि आगे और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेंगी। पिता वरीय यक्ष्मा पर्यवेक्षक हैं। उनका कहना है कि बेटी ने जिले का नाम रोशन किया है। चाहते हैं कि हर बेटी बेहतर करे।

सुपौल की बेटी को सूबे में सातवां स्थान, आइआइटियन बनना चाहती हैं

सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड के कलापट्टी गांव की खुशबू ने मैट्रिक परीक्षा में सूबे में सातवां स्थान लाकर जिले का नाम रोशन किया है। खुशबू की प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय, कलापट्टी में हुई। पांचवीं तक की पढ़ाई यहां से पूरी करने के बाद माता-पिता ने उसका नामांकन मध्य विद्यालय, पिपरा में कराया। यहीं से उसने सिमुलतला की प्रवेश परीक्षा पास की।

माता निर्मल कुमारी और पिता प्रभु नारायण साह बताते हैं कि खुशबू बचपन से ही प्रतिभा की धनी है। उसकी अपनी मेहनत और लगन का ये फल है। अपनी बेटी की सफलता पर उन्होंने कहा कि यह संदेश मैं समाज को देना चाहता हूं कि आज मुझे बेटी ने ही गौरवान्वित किया है। वहीं खुशबू बताती है कि उसकी इच्छा आइआइटी करने की है। उसने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता की प्रेरणा और अपने विद्यालय को दिया है। वह कहती है सच्ची लगन हो तो जिंदगी में कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।

डॉक्टर बनना चाहता है मनीष कुमार, मैट्रिक परीक्षा में पाया सातवां स्थान

दरभंगा जिले के बहेड़ी प्रखंड के बेलही गांव निवासी नवीन कुमार और बेबी कुमारी के पुत्र मनीष कुमार को मैट्रिक परीक्षा में सूबे में सातवां स्थान मिला है। उसे 448 (89.50 फीसद) अंक मिले हैं। मनीष कुमार एसएन हाईस्कूल, बहेड़ी का छात्र है। मनीष की इच्छा डॉक्टर बनने की है। मनीष की मां गृहिणी हैं। उन्होंने कहा कि बेटे की सफलता से गौरवान्वित महसूस कर रही हूं। वहीं, शिक्षक पिता ने कहा कि हमारा प्रयास रहेगा कि बेटे की कामयाबी का सिलसिला आगे भी जारी रहे।

इंजीनियर बनना चाहता है अभिषेक कुमार, सूबे का नौवां टॉपर

समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के जोगियारा निवासी गणिता देवी और परमेश्वर शर्मा के पुत्र अभिषेक कुमार को इस साल मैट्रिक परीक्षा में सूबे में नौवां स्थान मिला है। उसे 446 ( 89.02 फीसद) अंक मिले हैं। वह सिमुलतला विद्यालय का छात्र है। अभिषेक का इरादा इंजीनियर बनने का है। उसकी मां गृहिणी हैं। उनका कहना है कि बेटे को मुकाम तक पहुंचाने की कोशिश कामयाब रही। वहीं कारपेंटर पिता ने कहा कि बेटे के लक्ष्य को पूरा करने की हरसंभव कोशिश करूंगा।

Posted By: Ravi Ranjan

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