विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar Police: बिहार पुलिस के 'चक्र' में फंस रहे शातिर अपराधी, एक क्लिक में खुल जाती है बदमाशों की कुंडली

By Ashish ShuklaEdited By: Mohammad Sameer
Published: Wed, 24 May 2023 04:00 AM (IST)

Bihar चक्र एक मोबाइल ऐप है इस पर अपराधियों की पूरी कुंडली मिल जाती है। इसमें आरोपी की तस्वीर के ...और पढ़ें

Bihar: पुलिस के इस 'चक्र' में फंस रहे अपराधी।
Bihar: पुलिस के इस 'चक्र' में फंस रहे अपराधी।

जागरण संवाददाता, पटना: अपराधी पकड़े जाते हैं, खुद को निर्दोष बताकर बचने का प्रयास करते हैं पर पुलिस के 'चक्र' में उनका झूठ पकड़ा जाता है। 'चक्र' बिहार पुलिस का एक ऐप है, जिसमें अपराधियों की पूरी कुंडली होती है।

पुलिस को मिल रही मदद

किसी भी वारदात में आरोपी या जेल गए शख्स की जानकारी इसमें रिकॉर्ड रहती है। ऐसे कई केस सामने आ चुके हैं, जिसमें इस ऐप से पुलिस को सहायता मिली है।

हाल ही में शहर के एक थाने में दो लोगों को स्मैक बेचने के मामले में पकड़ा गया। पूछताछ में उन्होंने खुद को निर्दोष बताया। उनके परिजन भी थाने पहुंच गए। पुलिस ने ऐप के जरिए पता किया तो मालूम हुआ कि स्मैक बेचने के मामले में वो पूर्व में जेल जा चुके हैं।

इसी तरह चार दिन पूर्व पुलिस ने इनकम टैक्स गोलंबर के पास से एक शातिर को फुटेज और हुलिए के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरू में उसने जो नाम पता बताया वह फर्जी निकला। चक्र ऐप से जांच हुई तो पता चला कि वह अलग-अलग थानों से आठ बार झपटमारी में जेल जा चुका है। पुलिस ने उसके गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया।

'चक्र' की क्या है विशेषता

दो साल पहले पुलिस मुख्यालय ने इस ऐप को बनाया। चक्र एक मोबाइल ऐप है, जहां अपराधियों की पूरी कुंडली मिल जाती है। इसमें आरोपित की तस्वीर के साथ यह सब अंकित होता है कि वह किस धारा में किस जेल में था।

उसे किस थाने से गिरफ्तार किया गया था, जमानत मिली तो कब और कितने दिनों की मिली। पुलिस जैसे ही किसी संदिग्ध की तस्वीर खींचकर ऐप में अपलोड करती है, वह स्कैन करता है।

इसके साथ ही नाम से भी अपराधियों की कुंडली सर्च की जा सकती है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह ऐप सिर्फ पुलिस विभाग के लिए है। पब्लिक प्लेटफॉर्म पर यह उपलब्ध नहीं होगा।

जिले के सभी थानेदारों के उन मोबाइल में यह डाउनलोड किया गया है, जिनमें सरकारी नंबर है। ऐप तभी खुलता है, जब उस पर नंबर और ओटीपी डाला जाता है।