पटना, जागरण टीम। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना को रफ्तार देने के लिए एक नई पहल की गई है। इसके तहत अब घर बैठे बेटियों के माता-पिता मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के लिए आनलाइन आवेदन करना होगा। इस योजना के तहत ई-कल्याण पोर्टल पर जाकर जन्म से दो साल तक की बेटियों को लाभ दिलाने के लिए आवेदन भरे जाएंगे। आवेदन में पूछे गई तमाम बातों की जानकारी देनी होगी, साथ ही संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र व सेविका का नाम देने के साथ बेटी का जन्म प्रमाण पत्र व मां के साथ बच्ची की तस्वीर भी अपलोड करनी होगी। इसके बाद अभिभावकों को योजना का लाभ मिलना प्रारंभ हो जाएगा।

माता-पिता स्‍वयं ही कर सकेंगे आवेदन

गोपालगंज में आइसीडीएस के डीपीओ शम्स जावेद अंसारी ने बताया कि पहले आनलाइन आवेदन को अपलोड कर अभिभावक सेविका के माध्यम से आवेदन भरते थे। हाल में नई व्यवस्था के तहत कोरोना संक्रमण के कारण अब बच्ची के माता-पिता स्वयं आवेदन कर सकेंगे। आवेदनों का सेविकाएं सत्यापन करेंगी। इसके बाद ही लाभुकों को राशि दी जाएगी। यह लाभ एक परिवार में दो कन्याओं के जन्म तक ही दिया जाता है। पहली बार दो हजार रुपये और उसके बाद आधार जमा करने पर एक हजार रुपये दिए जाते हैं।

योजना के जरिए पूरे हो रहे कई मकसद

उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग के पोर्टल पर मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। डीपीओ ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना का उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को रोकना, लड़कियों का जन्म निबंधन व संपूर्ण टीकाकरण, लिंग अनुपात में वृद्धि, शिशु मृत्यु दर में कमी, बालिका शिक्षा को बढ़ावा, बाल-विवाह पर अंकुश, प्रजनन दर में कमी, आत्मनिर्भर बनाना, सम्मानपूर्वक जीवन-यापन, परिवार-समाज में लड़कियों के आर्थिक योगदान बढ़ाना है।

योजना के तहत लड़कियों को मिलेगा यह लाभ

  • बच्ची के जन्म होने पर 2000 रुपये दिए जाएंगे।
  • एक वर्ष का होने पर और आधार पंजीयन कराने पर 1000 रुपये।
  • बच्ची के दो वर्ष होने व पूर्ण टीकाकरण होने पर 2000 रुपये।
  • वर्ग 1 से 2 प्रतिवर्ष पोशाक के लिए 600 रुपये।
  • वर्ग 3 से 5 प्रतिवर्ष पोशाक के लिए 700 रुपये।
  • वर्ग 6 से 8 प्रतिवर्ष पोशाक के लिए 1000 रुपये।
  • वर्ग 9 से 12 प्रतिवर्ष पोशाक के लिए 1500 रुपये।
  • सैनेटरी नैपकिन के लिए 300 रुपये।
  • 12 क्लास पास करने पर 10000 रुपये।
  • स्नातक डिग्री हासिल करने पर 25000 रुपये।

Edited By: Shubh Narayan Pathak