पटना, डॉ.कौशलेंद्र कुमार। Kachre Se Azadi: राजधानी के मोहल्लों और संस्थानों से निकल रहे कचरे से अब स्पोर्ट्स टी शर्ट और जूते बनाए जाएंगे। इन्हें पहनकर खिलाड़ी मैदान में भी उतरेंगे साथ ही तकिए के लिए रुई भी कचरे से बनाई जाएगी। गर्दनीबाग में कचरे की री-साइकिलिंग करने के लिए गैरसरकारी संगठन हरित रिसाइकिलर्स ने प्लांट लगाने की तैयारी की है। 5238.26 वर्गफीट जमीन नगर निगम ने संस्थान को आवंटित की है। मशीन लगाने के लिए शेड तैयार हो चुके हैं। कोरोना काल में लॉकडाउन की वजह से मशीनों को लाने में वक्त लग रहा है। सबकुछ ठीक रहा तो 2021 जनवरी में तक काम शुरू कर दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से 250 लोगों को रोजगार मिलेगा। हरित रिसाइकिलर्स एजेंसी ने पटना नगर निगम से इसके लिए करार किया है।

छह करोड़ की होगी लागत, 55 लाख रुपये से काम शुरू

पूरे प्रोजेक्ट की लागत छह करोड़ के आसपास होगी। प्रथम चरण में 55 लाख रुपये से काम शुरू हो रहा है। इसमें राजधानी के दस वार्डों सहित कई शिक्षण संस्थानों और सरकारी दफ्तरों से कचरा लेकर उसकी रिसाइकिलिंग की जाएगी। एजेंसी ने कचरा संग्रह के लिए केंद्रीय विद्यालय, एनआइटी, बीआइटी , विधानसभा परिसर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, न्यू सचिवालय आदि में 10 डस्टबिन लगाया है। एक डस्टबिन में 1500 किलो कचरे का संग्रहण होगा। संस्था के सचिव शशिभूषण के अनुसार प्रतिदिन पांच हजार किलोग्राम कचरे की प्रोसेसिंग का लक्ष्य है। कचरे की साफ-सफाई कर उसमें मौजूद प्लास्टिक को अलग किया जाएगा। फिर गे्रडिंग के आधार पर उसका रॉ मैटेरियल किया जाएगा। इसे रिलायंस और कानपुर स्थित गणेशा टेक्सटाइल्स को सप्लाई किया जाएगा। इन कंपनियों के  साथ भी करार हुआ है।

प्लास्टिक की प्रोसेसिंग कर उससे रुई का निर्माण करेगी संस्था

यह संस्था कचरे से निकले प्लास्टिक की प्रोसेसिंग कर उससे रुई का निर्माण करेगी । इसे रिलायंस को देगी। उनके द्वारा भेजे जाने वाले कच्चे माल से रिलायंस रुई के अलावा खिलौने, बोतल, बाल्टी, मग और कई तरह के प्लास्टिक के सामान बनाएगा। वहीं गणेशा टेक्सटाइल्स इससे स्पोर्ट्स टी-शर्ट और जूते का निर्माण करेगी। सचिव ने कहा कि कचरे से निकले मल्टीलेयर प्लास्टिक को सड़क निर्माण एजेंसी को देंगे। संस्था ने पीडब्लूडी और सीपीडब्लूडी से भी इसके लिए एग्रीमेंट किया है।