पटना, ऑनलाइन डेस्‍क। Bihar Assembly Budget Session बिहार विधानमंडल में हंगामा थम नहीं रहा है। विपक्ष के साथ सत्‍ता पक्ष भी सरकार को कटघरे में खड़ा करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। बजट सत्र के 18वें दिन कुछ ऐसा ही देखा गया। एक ओर राजद समेत वामदलों ने अलग-अलग मुद्दों पर विरोध जताया तो दूसरी ओर मंत्री मदन सहनी के जवाब से असंतुष्‍ट भाजपा विधायक ने यह कहकर तंज कसा कि 'का पर करूं सिंगार, पिया मोर आन्‍हर।'

वृद्धावस्‍था, विधवा और दिव्‍यांगता पेंशन बढ़ाएं

दरअसल, बड़हरा से भाजपा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने वृद्धावस्‍था, विधवा और दिव्‍यांग पेंशन का मामला उठाया। उन्‍होंने कहा कि अन्‍य राज्‍यों की तुलना में बिहार में यह सहायता राशि काफी कम है। महज चार सौ रुपये दिए जाते हैं। विधायक ने कहा कि दिल्‍ली में दिव्‍यांगों को 25 सौ, गोवा व हरियाणा में तीन-तीन हजार रुपये दिए जाते हैं। इसको देखते हुए बिहार में भी यह राशि बढ़ाई जाए। 

मंत्री ने कहा-अन्‍य राज्‍यों से तुलना मत करिए

जवाब में समाज कल्‍याण विभाग के मंत्री मदन सहनी ने कहा कि अन्‍य प्रदेशों की तुलना में बिहार में राशि नहीं दी जा सकती। राज्‍य में 95 लाख लोगों को ऐसी सहायता दी जाती है, उसका 70 फीसद बिहार सरकार वहन करती है। इसलिए ऐसा संभव नहीं है। मंत्री के इस जवाब से विधायक नाराज हो गए। उन्‍होंने लोकोक्तियों के माध्‍यम से आपत्ति जताई। कहा कि यह तो 'हंसुआ के बियाह में खुरपी के गीत' वाली बात हो गई। पहले लगता था कि 'सैंया भए कोतवाल अब डर काहे का', लेकिन अब तो यही कहना पड़ेगा कि 'का पर करुं सिंगार पिया मोरा आन्‍हर।'

राजद व वामदलों ने किया विरोध

इधर विधान मंडल में कृषि कानूनों को लेकर वामदलों के विधायकों ने प्रदर्शन किया। विधानसभा में नारेबाजी की। वहीं पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्ध‍ि के विरोध में राजद विधायकों ने जमकर विरोध जताया। इसे जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की। विधायक के भतीजे की हत्‍या का मामला भी सदन में जोरशोर से उठाया गया।

Edited By: Vyas Chandra