जागरण संवाददाता, गोपालगंज: किशोर न्यायालय ने मारपीट तथा छेड़खानी के एक मामले में संलिप्त पाए गए एक किशोर को सुधारने के लिए अनोखी पहल की है। किशोर न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राकेश मणि तिवारी ने उस किशोर को अपने गांव के दस निरीक्षर लोगों को पढ़ा-लिखा कर साक्षर बनाने की सजा सुनाई है। किशोर अपने माता पिता के साथ घर में रख कर निरक्षर लोगों को पढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि किशोर निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने के लिए उन्हें पढ़ा रहा है कि नहीं, यह रिपोर्ट संबंधित पंचायत के मुखिया किशोर न्यायालय में प्रस्तुत करेंगे।

विजयीपुर थाने की पुलिस ने किशोर न्यायालय में किया पेश

बताया जाता है कि विजयीपुर थाने की पुलिस ने मारपीट तथा छेड़खानी के एक मामले में एक किशोर को पकड़कर उसे किशोर न्यायालय में पेश किया। साक्ष्य के आधार पर किशोर न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राकेश मणि तिवारी ने किशोर को मारपीट तथा छेड़खानी मामले में संलिप्त पाया।

गांव व आसपास के दस निरक्षर को बनाओ साक्षर

किशोर के अपराध में संलिप्त पाए जाने पर न्यायाधीश ने उसे सुधारने के लिए अनोखी पहल की। उन्होंने किशोर को अपने गांव व आसपास के दस निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने की सजा सुनाई। अब किशोर दस लोगों को पढ़ाएगा। 

माता-पिता की देखरेख रहेगा घर में

किशोर को सजा सुनाते हुए जज ने कहा कि वह अपने माता पिता के साथ घर में रख कर निरक्षर लोगों को पढ़ाएगा। इस अवधि में किशोर अपने माता-पिता की देखरेख में अपने घर पर ही रहेगा। संबंधित पंचायत के मुखिया उक्त किशोर का पर्यवेक्षण करेंगे। किशोर न्यायालय ने इस संबंध में संबंधित मुखिया को किशोर द्वारा दस निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने से संबंधित रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। 

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