पटना, जेएनएन। जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा वैश्विक आतंकी घोषित किया और इस बीच बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी ने आतंकी मसूद अजहर को 'साहब' कहकर संबोधित किया तो राजनीतिक गलियारों में बवाल मच गया और भाजपा ने इसे लेकर मांझी पर तंज कसा।  
उसके बाद मांझी ने अपनी गलती स्वीकारते हुए कहा कि यह स्लिप ऑफ टंग है, इसको अन्यथा नहीं लिया जाए। मसूद अजहर बड़ा आतंकी है और यूएन ने उसे वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया है। उन्होंने कहा कि हमलोग इस तरह के आदर सूचक शब्द बोलते हैं और हो सकता है कहीं चूक हो गई हो। 
मांझी ने कह दिया था-मसूद अजहर साहेब
बता दें कि मांझी ने पटना में गुरुवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि प्रत्येक मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के श्रेय लेने की रणनीति उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हर बात की 'ब्रैंडिंग' करते हैं, यह गलत चीज है। उन्होंने कहा, 'मनमोहन सिंह के समय से ही मसूद अजहर साहब को वैश्विक आतंकी घोषित कराने के लिए प्रयास किया जा रहा था, दबाव बनाया जा रहा था।'
मांझी ने तर्क देते हुए कहा कि पेड़ लगाया जाता है तो वह शुरू में पौधा होता है और बड़ा होकर फल देने लगता है। जब पेड़ फल देने लगे तो यह कहना कि यह हमारा फल है, उचित नहीं है। यह भी सोचना चाहिए कि पौधा किसने लगाया था। 
भाजपा ने पूछा मांझी से सवाल
मांझी के अजहर को 'साहब' कहने पर बिहार की सियासत गर्म हो गई है। बीजेपी ने इसके लिए मांझी से जवाब मांगा है। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी के नेता मंगल पांडेय ने ट्वीट कर कहा, 'जीतन राम मांझी ने मसूद अजहर को साहब कहकर फिर ये साबित कर दिया है कि कांग्रेस और उनके सहयोगी दल आतंकवादियों के प्रति विशेष सम्मान और आदर का भाव रखते हैं।
क्या हमारे देश के मासूम लोगों का खून बहाने वालों का महिमामंडन भी उनके पॉलिटिकल अजेंडा में है? जबाब दीजिए मांझी साहब।' 

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Posted By: Kajal Kumari

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