पटना, राज्य ब्यूरो। बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी ने राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला है। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कैसी शराबबंदी? अब तो लोगों के घर पर शराब की डिलेवरी हो रही है। वहीं जीतनराम मांझी ने तो सीएम नीतीश कुमार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि जिन्हें लगता है बिहार में शराबबंदी है, वे मंत्रियों और अधिकारियों के यहां छापेमारी करें। यदि मंत्री और अधिकारियों के घर शराब नहीं मिली तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। 

उपेंद्र कुशवाहा ने सोमवार को कहा कि बिहार में नीतीश कुमार का शराबबंदी कानून पूरी तरह से फेल हो गया है। आलम यह है कि शराबबंदी के बाद अब लोगों को उनके घर पर ही बैठे-बैठे शराब मिल जाती है। इस कानून के नाम पर नीतीश कुमार झूठ की प्रसिद्धि पाने की कोशिश कर रहे हैं। 

इधर, जीतन राम मांझी ने कहा कि सरकार के मंत्रियों से लेकर अफसरों तक के यहां छापेमारी हो जाए तो इस कानून की सारी हकीकत सबके सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा शराबबंदी कानून सिर्फ गरीब, दलित, पिछड़ों और आदिवासियों को प्रताडि़त करने के लिए बना है।  क्योंकि इस कानून के जो लोग शराब पीने के आरोप में पकड़ कर जेल भेजे गए हैं उनमें से अधिकांश इसी तबके से आते हैं।

मांझी ने तंज कसते हुए कहा जिन्हें लगता है शराबबंदी कानून सफल रहा है उन लोगों को सही मायने में मानसिक इलाज की दरकार है, क्योंकि बच्चा-बच्चा जानता है कि बिहार में हर जगह आसानी से शराब मिल रही है।

बता दें कि इस बारे में बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने भी माना है कि शराबबंदी में ढिलाई की वजह से कई जगहों पर शराब की तस्करी और खरीद-बिक्री की जा रही है। डीजीपी ने इस मामले में अपने ही महकमे की लापरवाही बतायी है।

उधर, सीएम नीतीश कु्मार बिहार के बाद अब पूरे देश में शराबबंदी की वकालत कर रहे हैं। दिल्ली में एक आयोजन के दौरान नीतीश ने बिहार में शराबबंदी की सराहना करते हुए कहा कि शराबबंदी के बाद हालात में सामाजिक बदलाव आया है और पूरे देश में शराबबंदी कर देनी चाहिए। महात्मा गांधी का ये सपना था। 

Posted By: Kajal Kumari

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