'जब्त शराब को नष्ट क्यों करें?' मांझी ने सम्राट सरकार को दिया सुझाव, बताया क्या करना चाहिए
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने बिहार में जब्त शराब को नष्ट करने के बजाय सैनिटाइजर या अन्य उपयोगी उत्पाद ...और पढ़ें
HighLights
मांझी ने जब्त शराब को नष्ट करने के बजाय उपयोग का सुझाव दिया।
उन्होंने सैनिटाइजर या अन्य उपयोगी उत्पाद बनाने की सलाह दी।
इससे सरकार को राजस्व और आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग करते रहे केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अब जब्त शराब के इस्तेमाल को लेकर सरकार को सुझाव दिया है।
उन्होंने कहा कि शराबबंदी के तहत जब्त की जाने वाली शराब को नष्ट करने के बजाय उसे एकत्र किया जाए और सैनिटाइजर या दूसरे उपयोगी उत्पाद बनाने में इस्तेमाल किया जाए।
इससे जब्त शराब को बर्बाद होने से बचाने के साथ सरकार को राजस्व का लाभ भी मिल सकता है। शनिवार को वे पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
मांझी ने कहा कि वह बिहार सरकार को सलाह देंगे कि जब्त शराब को नष्ट करने के बजाय उसका उपयोग दूसरे उत्पाद तैयार करने में किया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से सैनिटाइजर बनाने का सुझाव दिया। उनका कहना है कि इससे जब्त शराब का उपयोग हो सकेगा और सरकार को आर्थिक लाभ भी मिल सकता है।
शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग करते रहे हैं मांझी
जीतन राम मांझी पहले भी बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग करते रहे हैं। अप्रैल 2026 में भी उन्होंने कहा था कि शराबबंदी की नीति को लेकर उनका रुख वही है, लेकिन इसके क्रियान्वयन की समीक्षा की जानी चाहिए।
उन्होंने उस समय गरीब तबके के लोगों के कानून के दायरे में आने और जहरीली शराब की समस्या का भी उल्लेख किया था।
मांझी का कहना रहा है कि शराबबंदी जिस उद्देश्य से लागू की गई थी, उसकी प्राप्ति के लिए कानून के क्रियान्वयन की समीक्षा जरूरी है। वह विशेष रूप से गरीब और वंचित तबके पर पड़ने वाले कानूनी प्रभाव का मुद्दा उठाते रहे हैं।
जब्त शराब को लेकर मांझी का नया सुझाव
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद अवैध शराब की बरामदगी और उसे जब्त करने की कार्रवाई लगातार होती रही है।इसी व्यवस्था के बीच मांझी ने जब्त शराब को नष्ट करने के बजाय उसके वैकल्पिक उपयोग का सुझाव दिया है।
उनका प्रस्ताव है कि जब्त शराब को एकत्र कर सैनिटाइजर अथवा अन्य उत्पाद तैयार किए जाएं, जिससे इसका उपयोग भी हो और सरकार को राजस्व प्राप्त हो सके।
