पटना [जेएनएन]। हम प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बड़ा राजनीतिक हमला किया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का दिमागी संतुलन बिगड़ गया है। वे कभी उपेंद्र कुशवाहा को नीच बोलते हैं तो कभी मुकेश सहनी को सड़क छाप कहते हैं। वहीं जहानाबाद के सांसद अरुण कुमार ने कहा कि सत्ता के बोझ में सीएम मानसिक गड़बड़ी के शिकार हो गए हैं, लेकिन शब्दों के चयन में संयम बरतने की जरूरत है। 
जीतनराम मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार सत्ता के मद में चूर हो गए हैं। ऐसे में वे अब अनाप-शनाप बयान देने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने नीच और सड़क छाप जैसे बयानों के लिए मांफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि वे माफी नहीं मांगते हैं तो हम पार्टी की ओर से पूरे सूबे में आंदोलन चलाया जाएगा। 
उधर जहानाबाद के सांसद अरुण कुमार ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कड़ा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि सत्ता के बोझ में वे अपनी मर्यादा को खो रहे हैं। वे संवैधानिक पद पर बैठे हुए हैं। ऐसे में उन्‍हें शब्‍दों की गरिमा को बनाए रखने की जरूरत है। लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे हैं। अरुण कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार के बयानों से लगता है कि वे मानसिक गड़बड़ी की चपेट में आ रहे हैं। 
बता दें कि नीतीश कुमार के सड़क छाप और नीच संबंधी बयानों के विरोध में गुरुवार को  बिहार महागठबंधन की ओर से राजभवन मार्च निकाला गया था। मार्च के दौरान पुलिस ने रोका, तो वे लोग हंगामे पर उतर आए। इस मार्च में राजद-कांग्रेस के अलावा हम, वीआइपी, लोजद के लोग भी शामिल हैं। विरोध मार्च के दौरान महागठबंधन के नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शब्दों की मर्यादा तोड़ रहे हैं। वे हमारे नेताओं को नीच और सड़क छाप कह रहे हैं।

Posted By: Rajesh Thakur