राज्य ब्यूरो, पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने सिवान के पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन की कोरोना से हुई मौत की न्यायिक जांच की मांग की है, तो दूसरी ओर इशारों में लालू परिवार पर हमला करते हुए कहा है कि सब कुछ याद रखा जाएगा। पार्टी प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा है कि राजद परिवार के सदस्यों को शहाबुद्दीन की मौत के बाद दिल्ली जाना चाहिए। 

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की मांग

उन्होंने सोमवार को पहला ट्वीट कर कहा- 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मेरा आग्रह है कि सिवान के पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन के निधन की न्यायिक जांच हो। इसके साथ उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाए।

सब याद रखा जाएगा...

इसके बाद देर शाम दूसरा ट्वीट कर जीतनराम मांझी ने कहा कि 'जिन लोगों के लिए शहाबुद्दीन ने पूरी जिंदगी दांव पर लगा दी आज वह और उनका खानदान उनके जनाजे में भी शामिल नहीं हुआ। इस गलती के लिए न तो उनकी रूह उन्हें माफ करेगी न ही अवाम। सब याद रखा जाएगा, सब कुछ याद रखा जाएगा।

शहाबुद्दीन ने राजद को सींचा, क्यों नहीं ली सुध

हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा कि शहाबुद्दीन से हमारे राजनीति मतभेद थे, लेकिन यह जान के बहुत बुरा लग रहा कि एक बच्चा अपने बाप की लाश के लिए भटक रहा है। शहाबुद्दीन ने राजद को सींचा है, मगर राजद के विधायक, एमएलसी शहाबुद्दीन को पूछने नहीं जा रहे। शहाबुद्दीन एक मुसलमान हैं इस लिए आप उनपर जुल्म कर रहे हैं? ये गलत है। दानिश ने कहा कि राजद भी जवाब दे कि क्या उसे केवल मुस्लिम का वोट चाहिए?  दानिश ने कहा कि लालू परिवार के सदस्यों को दिल्ली जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की मौत की न्यायिक जांच होनी चाहिए।