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बैंक में PO की नौकरी छोड़ करने लगा ठगी, पत्नी है डॉक्टर; फर्जी पेपर लीक मामले में बिहार का अतुल वत्स गिरफ्तार

Published: Sun, 12 Apr 2026 10:48 PM (IST)

रांची पुलिस ने उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साल्वर गैंग का ...और पढ़ें

जेएसएससी कार्यालय में प्रेस वार्ता करते रांची के डीसी और एसएसपी। (जागरण)

जेएसएससी कार्यालय में प्रेस वार्ता करते रांची के डीसी और एसएसपी। (जागरण)

HighLights

  1. अंतरराज्यीय साल्वर गैंग का रांची पुलिस ने किया भंडाफोड़।

  2. सरगना अतुल वत्स समेत 5 अपराधी, 159 अभ्यर्थी गिरफ्तार।

  3. फर्जी प्रश्नपत्र से 23.85 करोड़ की ठगी, अभ्यर्थी डिबार होंगे।

जागरण टीम, पटना/रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साल्वर गैंग का रांची पुलिस ने भंडाफोड़ किया है।

रांची पुलिस ने अंतरराज्यीय साल्वर गैंग के सरगना अतुल वत्स समेत पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया है। रविवार को झारखंड के आठ जिलों में उत्पाद सिपाही भर्ती की परीक्षा थी। इसके एक दिन पहले ही रांची पुलिस को प्रश्नपत्र लीक होने की भनक मिली।

पुलिस ने पुख्ता सूचना के बाद शनिवार रात रांची के तमाड़ क्षेत्र में एक निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज के भवन में छापेमारी कर 159 अभ्यर्थियों को हिरासत में ले लिया। इन अभ्यर्थियों को यहां प्रश्नपत्र उपलब्ध करा प्रश्नों के उत्तर रटवाए जा रहे थे।

हालांकि, बाद में जांच में यह बात सामने आई कि अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराया गया प्रश्नपत्र फर्जी था। छानबीन में यह बातें भी सामने आ रही है कि प्रश्नपत्र लीक के नाम पर अभ्यर्थियों से गिरोह के लोगों ने अभ्यर्थियों से 15-15 लाख के डील की थी।

इस गिरोह ने कुल 23 करोड़ 85 लाख रुपये की ठगी की। अतुल मूल रूप से जहानाबाद जिले के घोषी बंधुगंज का रहने वाला है, जो वर्तमान में बोरिंग रोड स्थित जया अपार्टमेंट में रह रहा था। उसके खिलाफ पूर्व में पटना में दानापुर, एसके पुरी और बुद्धा कॉलोनी में भी केस दर्ज है।

रविवार को जेएसएससी के अध्यक्ष प्रशांत कुमार, रांची के उपायुक्त मंजूलाल भजंत्री तथा रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने आयोग कार्यालय में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उक्त मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बरामद प्रश्नपत्र का मिलान किए जाने पर वह फर्जी पाए गए हैं।

आयोग ने सचिव व परीक्षा नियंत्रक को जांच की जिम्मेदारी दी, जिसमें प्रश्नपत्र के लीक नहीं होने की पुष्टि हुई। परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से उनकी कोई समानता नहीं थी। रांची एसएसपी ने बताया कि यह अंतरराज्यीय गैंग फर्जी प्रश्नपत्र को लीक प्रश्नपत्र बताकर अभ्यर्थियों को ठगता है।

गिरफ्तार सरगना पूर्व में भी इस तरह के मामले में आरोपित रहा है। सरगना सहित गिरफ्तार सभी अपराधी झारखंड के बाहर के हैं। जांच में अभ्यर्थियों से 15-15 लाख के डील की बात सामने आई है। 12 अप्रैल को झारखंड के आठ जिलों में 370 केंद्रों पर उत्पाद सिपाही भर्ती की परीक्षा हुई, जिसमें 583 पदों के लिए 1.48 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए।

तीन पत्रों में पांच प्रश्न आंशिक मिले, महज एक पूरी तरह

आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि आयोग के सचिव एवं परीक्षा नियंत्रक ने पास के केंद्र में जाकर पहली पाली में पूछे गए तीसरे प्रश्नपत्र का मिलान किया। इसमें पाया गया कि कुल 120 प्रश्नों में चार प्रश्न ही आंशिक रूप से अपराधियों के पास से पकड़े गए प्रश्नपत्र से मिलते थे।

वहीं, पेपर-2 में हिन्दी के एक भी प्रश्न नहीं मैच किया। जब्त किए गए भाषा के खोरठा विषय के प्रश्नपत्र की जांच जमशेदपुर में कराई गई, जिसमें एक प्रश्न पूरी तरह तथा एक आंशिक रूप से मिला। खोरठा की परीक्षा केवल जमशेदपुर में हुई थी। अध्यक्ष के अनुसार, इससे स्पष्ट है कि पेपर लीक का कोई प्रमाण नहीं है। इतने प्रश्न किसी भी परीक्षा में मिल सकते हैं।

159 अभ्यर्थी जेएसएससी की सभी परीक्षाओं से डिबार

जेएसएससी के अध्यक्ष ने कहा कि आयोग पकड़े गए सभी अभ्यर्थियों के विरुद्ध भी कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी। साथ ही उन्हें आयोग की सभी परीक्षाओं से डिबार किया जाएगा। वे किसी परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो सकेंगे।

राज्य में झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अधिनियम, 2023 लागू है, जिसके प्रविधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

बताते चलें कि इस कानून में नकल करते पकड़े जाने पर एक से तीन वर्ष तक की सजा और पांच लाख रुपये तक के जुर्माना का प्रविधान है। वहीं, पेपर लीक या अन्य गंभीर कदाचार में 10 साल से लेकर आजीवन कारावास और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रविधान है।

अमीर बनना चाह रहे थे साल्वर गैंग के सदस्य

अंतरराज्यीय साल्वर गैंग के सरगना अतुल वत्स को ठगी का धंधा इतना भाया कि उसने बैंक के पीओ की नौकरी छोड़ दी। नीट, इंजीनियरिंग सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षा स्कालर बैठाने से लेकर सरकारी नौकरियां दिलाने के नाम पर साल्वर और सेटर गिरोह भी खड़ा कर लिया।

सरगना अतुल ने दिल्ली के मास्टरमाइंड अभिषेक सिंह से मेडिकल व इंजीनियरिग की प्रवेश परीक्षाओं में सेटिग व फर्जीवाड़ा करने का गुर सीखा था।

वर्ष 2016 में आयोजित हुई नीट की प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी उजागर होने पर वर्ष 2017 में दिल्ली पुलिस की ओर से फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड अभिषेक सिंह को गिरफ्तार किया गया था। उसकी निशानदेही पर ही पुलिस ने अतुल वत्स को भी गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेजा था।

साल 2020 में बुद्धा कॉलोनी से पकड़े गए गिरोह छह आरोपित

साल 2020 में हरियाणा पुलिस के सहयोग से पटना पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े छह शातिरों को बुद्धा कालोनी क्षेत्र के एक अपार्टमेंट से पकड़ा था, लेकिन गिरोह का सरगना अतुल वत्स गिरफ्त में नहीं आया।

पूछताछ में मालूम पता चला था कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों से जुड़ा है। इनके एजेंट हैं, जिन्हें कमीशन दिया जाता था। तब पुलिस उसकी तलाश में झारखंड सहित कई राज्यों में दबिश दी, लेकिन वह गिरफ्त में नहीं आया। बताया जाता है अतुल की पत्नी डॉक्टर है।

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