पटना [एसए शाद]। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले जदयू इस वर्ष चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाएगा। विभिन्न राज्यों में पार्टी के विस्तार के अपने कार्यक्रम के तहत जदयू चुनाव लड़ेगा और अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर चुनिंदा सीटों पर प्रत्याशी उतारेगा। पार्टी किसी अन्य दल से तालमेल के बिना अपने बूते ये चुनाव लड़ेगी। वैसे भी बिहार और नगालैंड के अलावा पार्टी ने अबतक किसी अन्य प्रदेश में  तालमेल नहीं किया है।

इससे पहले जदयू इस साल नगालैंड और कर्नाटक विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी उतार चुका है। नगालैंड में जदयू का तालमेल पहले नगालैंड पीपुल्स फ्रंट(एनपीएफ) से था, परन्तु चुनाव से ठीक पहले एनपीएफ से नाता तोड़ जदयू नगालैंड डेमोक्रेटिक पीपुल्स फ्रंट(एनडीपीएफ) में शामिल हो गया। बिहार के बाहर नगालैंड ही ऐसा राज्य है जहां फिलहाल पार्टी का एक विधायक है, और वह सरकार में कृषि मंत्री के रूप में शामिल है।

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आफाक अहमद के मुताबिक, राजस्थान में बांसवाड़ा एवं आसपास के इलाके, मध्य प्रदेश में झबुआ एवं रतलाम जैसे इलाके और छत्तीसगढ़ में झारखंड से सटे हुए क्षेत्रों में जदयू का प्रभाव है। बांसवाड़ा में पिछले महीने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने एक सभा को भी संबोधित किया था। ऐसे प्रभाव वाले इलाकों को चिह्नित कर पार्टी प्रत्याशी उतारेगी।

राजस्थान में दौलतराम पसिया, मध्य प्रदेश में सूरज जायसवाल और छत्तीसगढ़ में मासी मणि तिवारी को पार्टी का संयोजक बनाया गया है। आफाक अहमद ने कहा कि पार्टी नार्थ-ईस्ट पर विशेष ध्यान दे रही है और पिछले दिनों पूर्वाेत्तर राज्यों की समस्या पर विचार के लिए नॉर्थ-ईस्ट एग्जीक्यूटिव काउंसिल (एनईसीसी) का गठन भी किया गया है।

मिजोरम में फिलहाल पार्टी के राष्ट्रीय सचिव संजय वर्मा को सदस्यता अभियान का संयोजक बनाया गया है। पार्टी ने इन चार राज्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों को प्रभारी के रूप में नियुक्त भी किया है। अखिलेश कटियार को राजस्थान, रवींद्र सिंह को छत्तीसगढ़ और विद्यासागर निषाद को मध्य प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। मिजोरम सहित पूर्ण नार्थ ईस्ट का प्रभारी हरिवंश कुमार सिंह को बनाया गया है।

Posted By: Ravi Ranjan

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस