पटना, जेएनएन। जदयू विधायक श्याम बहादुर सिंह के इस्तीफा देने के बाद बिहार जदयू अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने साफ कहा है कि इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी जो समस्या है उसको देखा जाएगा और उसका हल निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी संभव होगा और लोगों के हित में होगा पार्टी उसका हल करने की पूरी कोशिश करेगी।

जदयू अध्यक्ष ने कहा कि बड़े-बड़े अपराध करने वाले लोगों पर भी कार्रवाई हुई है और हजारों की संख्या में गिरफ्तारी भी हुई है, ऐसे में यह कहना कि सरकार लाचार है, सही नहीं है। कानून सब के लिए बराबर है और हम किसी में फर्क नहीं करते हैं, ये ही हमारी पॉलिसी है।

उन्होंने कहा कि जिसने भी अवैध ढंग से कब्जा कर रखा है सरकार उसपर जरूर कार्रवाई करेगी। हम विधायक श्याम बहादुर सिंह से मिलेंगे और वे पार्टी में है और पार्टी में रहेंगे।

बता दें कि सिस्टम से नाराज होकर सीवान के बड़हरिया से जदयू के विधायक श्याम बहादुर सिंह ने बीती रात अपना इस्तीफा पत्र प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह को सौंप दिया है। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष के दिल्ली में होने की वजह से विधायक की मुलाकात पार्टी प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से नहीं हो सकी थी।

इस्तीफा की वजह बताते हुए श्यामबहादुर ने कहा था कि पंचरूखी में बंद हुए शुगर फैक्ट्री पर भू-माफियाओं द्वारा कब्जा किया जा रहा था और जब गरीब लोगों ने इसका विरोध किया तो 200 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। इसी वजह से मैंने अपना इस्तीफा दिया है।

श्यामबहादुर ने साफ कहा कि वह मरते दम तक किसी और पार्टी में नहीं जाएंगे. उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर उन्हें भरोसा है। अगर नीतीश कुमार गरीबों पर हुए मुकदमे को खत्म करवाते हैं तो वो अपना इस्तीफा वापस ले सकते हैं।

पूरे मामले में विधायक ने सीवान जिला प्रशासन पर अत्याचार का आरोप लगाया है उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने ऐसे गरीब लोगों पर मुकदमा किया है जो भू-माफियाओं का विरोध कर रहे थे। विधायक श्याम बहादुर ने कहा कि बिहार में सुशासन है, लेकिन कुछ लोग अच्छा काम नहीं कर रहे हैं।

 

Posted By: Kajal Kumari