पटना,  राज्य ब्यूरो। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा है कि एनडीए में सीटों को लेकर कोई संशय नहीं है। कौन घटक दल कितनी सीटों पर लडेंगे, यह फाइनल है। बस, सीटों की पहचान बाकी है। यह किसी दिन हो जाएगा। सभी दलों के हिस्से की सीटों का एलान भी हो जाएगा।

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह बुधवार को दैनिक जागरण से बातचीत कर रहे थे। वे इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि लोकसभा चुनाव के लिए एनडीए के घटक दलों के बीच सीटों की घोषणा में देरी क्यों हो रही है? उन्होंने कहा कि यह कोई समस्या नहीं है। समस्या सीटों की संख्या को लेकर होती है। यह फाइनल है।

उन्होंने इस आशंका को पूरी तरह खारिज किया कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की तरह सत्ता विरोधी रूझान का असर बिहार में होने वाले अगले चुनावों पर भी पड़ सकता है। सिंह ने कहा कि हरेक राज्य की स्थिति अलग-अलग होती है। बिहार की स्थिति अलग है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समावेशी विकास का न सिर्फ नारा दिया, बल्कि अपना पूरा समय इसे जमीन पर उतारने में लगा रहे हैं। चुनाव दर चुनाव नीतीश ने जितने वायदे किए, सबके सब जमीन पर उतर रहे हैं। भौतिक विकास एक विषय है। नीतीश ने सामाजिक और नैतिक विकास पर भी अमल किया है।

यह देश की पहली राज्य सरकार है, जिसने बिना वोट की चिन्ता किए हर वर्ग के लिए काम किया। बिजली, सड़क और शिक्षा के क्षेत्र में हुई तरक्की का लाभ एक-एक आदमी को मिल रहा है। शराबबंदी और दहेज विरोधी अभियान का असर भी समाज के सभी तबके के लिए है। जाहिर है, इस सबका लाभ अगले चुनाव में यहां एनडीए को मिलेगा।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा के लिए वृक्षारोपण को नीतीश ने आन्दोलन का रूप दिया। इन उपलब्धियों का लाभ राज्य में एनडीए को मिलेगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हिन्दी पट्टी के तीन राज्यों में भाजपा की हार बेशक गंभीर समीक्षा का विषय है। भाजपा नेतृत्व को गंभीरता से हार के कारणों की समीक्षा करनी चाहिए।

Posted By: Kajal Kumari

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