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CEC ज्ञानेश कुमार के सपोर्ट में आई JDU, संजय झा बोले- देश से माफी मांगे विपक्ष, SIR पर फैला रहा भ्रम 

Published: Sat, 26 Sep 2026 10:16 PM (IST)

जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के फैसले का बचाव किया ...और पढ़ें

जदयू अध्यक्ष संजय झा। फाइल फोटो

जदयू अध्यक्ष संजय झा। फाइल फोटो

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राज्य ब्यूरो, पटना। जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने शनिवार को कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की नई दिल्ली में हुए बैठक में लिए गए फैसले और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार व निर्वाचन आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी द्वारा जारी सर्वसम्मत स्पष्टीकरण ने संवैधानिक संस्थाओं के संबंध में फैलाई जा रही भ्रांतियों को बेबुनियाद साबित कर दिया है।

इससे पुनः स्पष्ट हुआ है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसे निर्णय सामूहिक रूप से और संस्थागत प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करते हुए लिए जाते हैं।

ऑफिशियल रिकॉर्ड में सब स्पष्ट

संजय ने कहा क्वि विपक्ष द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा था कि एसआईआर पर आयोग के भीतर सहमति नहीं थी और कैबिनेट सचिव को हस्तक्षेप करना पड़ा। आधिकारिक रिकॉर्ड ऐसे दावों को पूरी तरह खारिज करते हैं।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि कैबिनेट सचिव के साथ हुई बैठक किसी नीतिगत मामले या आईटी विभाग से संबंधित नहीं थी; बल्कि इसका उद्देश्य केवल प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी पर चर्चा करना था।

इसके साथ ही, बैठक में लिए गए फैसले दर्शाते हैं कि आयोग एसआईआर में निष्पक्षता के साथ-साथ जन-सुविधा के लिए भी प्रतिबद्ध है। बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर फार्म संग्रह करना, बुजुर्गों, बेघरों व गरीबों के लिए विशेष शिविर लगाना और ऑनलाइन सुनवाई जैसी व्यवस्थाएं आयोग द्वारा बरती जा रही पारदर्शिता का प्रमाण हैं।

इसके बावजूद, चुनाव आयोग जैसी प्रमुख संवैधानिक संस्था के खिलाफ दुष्प्रचार करना दुर्भाग्यपूर्ण है और विपक्ष को इसके लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

बोगस वोटिंग रोकने के लिए SIR

संजय ने कहा कि मतदाता सूची का समय-समय पर पुनरीक्षण बोगस वोटिंग रोकने और लोकतंत्र की शुचिता के लिए जरूरी है। बिहार सहित जिन 20 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर संपन्न हुआ है, वहां संशोधन के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिए गए।

उन्होंने कहा कि बिहार पहला राज्य है जहां एसआईआर की प्रक्रिया संपन्न हुई थी। इसके खिलाफ विपक्ष के नेता बिहार में यात्रा निकाल रहे थे। इसके बाद राज्य में विधानसभा चुनाव हुआ।

हार से बौखला कर लगा रहे आरोप

संजय के मुताबिक,  देश-विदेश के मीडिया ने बिहार चुनाव को ग्राउंड जीरो से कवर किया, लेकिन कहीं से भी सामूहिक रूप से नाम काटे जाने की कोई शिकायत नहीं मिली। पूरा चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और एनडीए को प्रचंड जनादेश मिला।

उन्होंने कहा कि चुनावी हार से बौखला कर संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ भ्रामक प्रचार करने और भारतीय लोकतंत्र तथा चुनावी प्रक्रियाओं पर दुनिया के भरोसे को कमजोर करने के प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण हैं। देश की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में जनता का विश्वास बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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