पटना, राज्य ब्यूरो। जदयू नेतृत्व को अपने बयानों से लगातार असहज करने वाले डॉ. अजय आलोक से पार्टी ने पीछा छुड़ा लिया है और साफ कर दिया है कि उन्हें जदयू से पदमुक्त किया जा चुका है। दरअसल जदयू के पूर्व प्रवक्‍ता डॉ अजय आलोक कुछ दिनों से पार्टी की गाइडलाइन के इतर ट्वीट कर रहे हैं। इससे पार्टी के वरीय नेता असहज महसूस कर रहे हैं। इतना ही नहीं, बुधवार को भी अजय आलोक ने ट्वीट कर जदयू के बड़े भाई की तरह व्‍यवहार करने की नसीहत दी है। इसके बाद जदयू प्रवक्‍ता राजीव रंजन ने साफ कर दिया कि अजय आलोक के बयान को पार्टी का बयान नहीं माना जाए। 

जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने बुधवार को कहा कि अजय आलोक द्वारा जदयू नेता के रूप में बार-बार अनधिकृत बयान दिए जा रहे हैं, जबकि सचाई यह है कि पार्टी प्रवक्ता के पद से दिए गए उनके इस्तीफे को बहुत पहले स्वीकार कर लिया गया है। ऐसी स्थिति में उनके किसी भी बयान का संज्ञान जदयू के आधिकारिक बयान की तरह नहीं लिया जाए। आलोक के बयानों को जदयू खारिज करता है।

दरअसल अजय आलोक ने बुधवार को भी ट्वीट किया है। उन्‍होंने ट्वीट में लिखा है- 'सारे संबंधों में कभी कटुता आती है, लेकिन जिम्मेदार लोग उसमें मिठास डालते हैं। भाजपा बिहार में सत्ता में ना रहे, उसको कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन, बिहार हित में ये संबंध मजबूत रहना चाहिए। खास तब जब JDU अपने को Big Brother की भूमिका में रखती है, तो ज़िम्मेदारी हमारी है । जय बिहार' 

गौरतलब है कि अजय आलोक ने पिछले दिनों लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिली जबर्दस्‍त जीत पर भी बयान देकर जदयू को पशोपेस में डाल दिया था। इस‍के पहले उन्‍होंने तीन तलाक बिल पर भी मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को कठघरे में खड़ा कर दिया था। इसके बाद एक बार फिर आज उन्‍होंने जदयू के बड़े भाई की भूमिका पर भी कटाक्ष करते हुए नसीहत दी। ऐसे में आज जदयू ने बयान जारी कर अजय आलोक से पीछा छुड़ाया और कहा कि अजय आलोक के बयान को पार्टी का बयान नहीं माना जाए।  

 

Posted By: Rajesh Thakur

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