पटना [भुवनेश्वर वात्स्यायन]। इस बार के विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) में 2015 के विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2015) से अलग समीकरण होने की वजह से राज्य मंत्रिमंडल (Bihar Cabinet) के कई सदस्यों में अपनी सीट को लेकर संशय की स्थिति थी। दरअसल ऐसे कई सीट हैैं जिन पर पारंपरिक रूप से लोजपा की दावेदारी रही है, पर लोजपा (LJP) के हालिया स्टैैंड से जदयू (JDU) कोटे के कई मंत्रियों को अपनी सीट को लेकर इत्मीनान हो गया है।

लोजपा ने सार्वजनिक रूप से यह ऐलान कर दिया है कि जदयू की सीटिंग सीट यानी जहां से जदयू के प्रत्याशी को 2015 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल हुई थी, उन सीटों पर लोजपा अपनी दावेदारी नहीं करेगा। लोजपा के इस फैसले से वैसे लोजपा के भीतर ही कुछ लोगों के रुठने के आसार हैैं, क्योंकि इनमें कई ऐसी सीटें हैैं जिस पर लोजपा के पुराने दिग्गज नियमित रूप से चुनावी दंगल में उतरते रहे हैैं।

21 सीटों पर जदयू-लोजपा में पिछली बार था सीधा मुकाबला

वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में ऐसी इक्कीस सीटें थीं जिन पर जदयू और लोजपा के प्रत्याशी के बीच सीधा मुकाबला था। मालूम हो कि उक्त चुनाव में लोजपा एनडीए का हिस्सा था और जदयू महागठबंधन को नेतृत्व दे रहा था। जिन इक्कीस सीटों पर जदयू और लोजपा के बीच सीधा मुकाबला हुआ उनमें बाबूबरही, त्रिवेणीगंज, ठाकुरगंज, आलमनगर, सोनबरसा, कुशेश्वर स्थान, हायाघाट, कुचायकोट, बरहरिया, कल्याणपुर, वारिसनगर, चेरिया बरियारपुर, अस्थावां, हरनौत, सिमरी बख्तियारपुर, गौराबौराम,  बेल्दौर, नाथनगर, जमालपुर, हरनौत व रफीगंज की सीट है।

इन मंत्रियों को अब अपनी सीट को लेकर संशय नहीं

समस्तीपुर जिले की कल्याणपुर सीट पर लोजपा पारंपरिक रूप से अपना उम्मीदवार देती रही है। पिछली बार राम विलास पासवान (Ram Vilas Paswan) के भतीजे प्रिंस राज (Prince Raj) वहां से चुनाव लड़े थे। तब जदयू के महेश्वर हजारी (Maheshwar Hazari) ने उन्हें हराया था। महेश्वर हजारी अभी मंत्री हैैं। आलमनगर में जदयू के नरेंद्र नारायण यादव (Narendra Narayan Yadav) का सीधा मुकाबला लोजपा प्रत्याशी से था। नरेंद्र नारायण यादव को जीत मिली और वह मंत्री हैैं। गौराबौराम विधानसभा सीट से लोजपा प्रत्याशी को हराकर जदयू के मदन सहनी (Madan Sahni) मंत्री बने। नौशाद आलम (Naushad Alam) ने लोजपा प्रत्याशी को हराया और मंत्री बने। पूर्व में चेरियाबरियारपुर से जीतीं मंजू वर्मा (Manju Verma) और सिमरी बख्तियारपुर से जीते दिनेशचंद्र यादव (Dinesh Chandra Yadav) भी इसी श्रेणी में थे। जमालपुर से लोजपा प्रत्याशी को हराकर शैलेश कुमार (Shailesh Kumar) मंत्री हैैं।

अपने ही कुनबे में कुछ के बिदकने का संकट

लोजपा के स्टैैंड से उसके अपने ही कुनबे में कुछ के बिदकने का संकट है। इनमें कुचायकोट की सीट से लडऩे वाले काली पांडेय (Kali Pandey) और चेरिया बरियारपुर से लडऩे वाले अनिल कुमार चौधरी (Anil Kumar Chaudhary) का नाम लिया जा सकता है।

Posted By: Rajesh Thakur

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