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पटना [राज्य ब्यूरो]। जदयू के निलंबित विधायक एवं पूर्व मंत्री सरफराज आलम शनिवार को राजद में शामिल हो गए। उन्होंने विधानसभा और जदयू से इस्तीफा दे दिया है। विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।

ट्रेन में महिला से छेडख़ानी का आरोप लगने पर सरफराज आलम को जदयू ने पार्टी से निलंबित कर दिया था। तब से वह नाराज चल रहे थे। वह अररिया लोकसभा सीट से राजद के उम्मीदवार होंगे। अररिया की सीट सरफराज के पिता मो. तस्लीमुद्दीन के निधन से खाली हुई है। राजद के प्रदेश कार्यालय में राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने सदस्यता दिलाई।

राजद उत्साहित, जदयू में टूट का दावा

सरफराज के पार्टी में आने पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी ट्वीट करके दावा किया कि जदयू में अभी और टूट होगी। सरफराज ने राजद की सदस्यता ग्र्रहण करने को घर वापसी बताया। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल की जनता की मांग पर मैंने राजद में शामिल होने का निर्णय लिया है। वहां की जनता धर्मनिरपेक्षता में विश्वास करती है। मेरे पिता और परिवार पहले से राजद से जुड़े रहे हैं। जब जदयू महागठबंधन में था, तो मैंने विधानसभा का चुनाव उसके टिकट पर लड़ा था। अब जदयू ने पाला बदलकर भाजपा से हाथ मिला लिया है, जो जनादेश का अपमान है।

सरफराज ने सरकार पर आरएसएस के एजेंडे पर काम करने का आरोप लगाया और कहा कि इससे धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और समाजवाद में विश्वास रखने वाले लोगों के बीच भारी आक्रोश है। मौके पर बड़ी संख्या में सरफराज के समर्थक और राजद कार्यकर्ता उपस्थित थे।

Posted By: Kajal Kumari

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