राज्य ब्यूरो, पटना। रेलवे की परीक्षा में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और खान सर सहित अन्य कोचिंग संस्थान के संचालकों के समर्थन में अब जनता दल यूनाइटेड (जदयू) आ गया है। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा कि खान सर व अन्य कोचिंग संस्थान के लोग आनलाइन माध्यम से बिहार तथा देशभर के गरीब व युवाओं का भविष्य निर्माण करते हैं। रेलवे व पुलिस को इन लोगों के विरुद्ध दर्ज मुकदमों को अविलंब वापस लेना चाहिए। उग्र छात्रों से भी वह शांति की अपील करते हैं। ललन सिंह ने कहा बिहार व उप्र सहित अन्य राज्यों में छात्रों का उग्र होना आरआरबी एनटीपीसी परीक्षा प्रक्रिया व परिणाम के विरुद्ध प्रतिक्रिया है। रेलवे बोर्ड की गड़बड़ियों को देखने के लिए जांच कमेटी बनायी गयी है। उम्मीदवारों व छात्रों के साथ अतिशीघ्र न्याय होगा ऐसी उन्हें उम्मीद है।

कोचिंग संचालक खान सर के समर्थन में बिहार के कई दल पहले ही आ चुके हैं। राजद ने कहा है कि पुलिस  शिक्षकों की जगह रेलवे भर्ती बोर्ड के अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करे। राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह ने कहा कि जब रेलमंंत्री ने भी कमी स्‍वीकार की है तो बिहार के सीएम नीतीश कुमार की चुप्पी समझ के परे है। उन्होंने पटना में खान सर समेत अन्य शिक्षकों और छात्रों के खिलाफ एफआइआर होने पर भी आपत्ति जाहिर की।  

संविधान में हिंसा और तोड़फोड़ का अधिकार नहींः मांझी

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने कहा कि संविधान में हिंसा और तोडफोड़ का अधिकार किसी को नहीं। वैसे अब वक्त आ गया है जब सरकार रोजगार के विषय में बात करे,नहीं तो हालात इससे भी भयानक उत्पन्न हो सकते हैं। मांझी ने कहा कि आरआरबी एनटीपीसी के नाम पर उपद्रव में खान सर सहित शिक्षकों पर किए गए मुकदमे इस अघोषित युवा आंदोलन को और भी ज्यादा भड़का सकता है।

Edited By: Akshay Pandey