पटना, जेएनएन। भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे जगत प्रकाश नड्डा (JP Nadda) आज से पार्टी की सबसे पावरफुल कुर्सी संभालने वाले हैं। जेपी नड्डा को पार्टी ने अमित शाह की जगह राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है। बता दें कि अमित शाह का कार्यकाल समाप्त हो जाने के बाद नड्डा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए हैं।

बता दें कि जेपी नड्डा खाटी बिहारी हैं। उनका जन्म पटना के भिखना पहाड़ी इलाके में हुआ और उनका बिहार से गहरा नाता रहा है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पटना के सेंट जेवियर स्कूल और फिर कुछ दिनों के लिए राममोहन राय सेमिनरी में स्कूली शिक्षा ली है।

सेंट जेवियर स्कूल से मैट्रिक पास करने के बाद जेपी नड्डा का पटना काॅलेज में इंटर में नामांकन कराया गया और यहीं से उन्होंने 1980 के दशक में ग्रेजुएशन पास किया। कुछ दिनों पहले जब वे पटना आये थे, तो पटना विश्वविद्यालय परिसर भी गये थे और अपने छात्र जीवन की यादों में खो गए थे। 

हिमाचल प्रदेश के विलासपुर इलाके के मूल निवासी जेपी नड्डा के पिता एनएल नड्डा पटना विश्वविद्यलय में काॅमर्स विभाग में शिक्षक थे। यहां वे विभागाध्यक्ष बने और बाद में प्राचार्य भी हुए। जेपी नड्डा के पिता 1980 में रिटायर हो गए और उसके बाद जेपी नड्डा भी अपने परिवार के साथ गृह राज्य हिमाचल प्रदेश चले गए।

उन्होंने हिमाचल विश्वविद्यालय से ही विधि में स्नातक किया और इसी दौरान वे छात्रसंघ के अध्यक्ष भी बने।1994 साल में वह पहली बार विधायक बने और उन्हें नेता प्रतिपक्ष का दर्जा भी मिला। दूसरी बार जीते तो राज्य में मंत्री बने।

उसके बाद जेपी नड्डा को नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह और अमित शाह के अध्यक्षीय कार्यकाल में राष्ट्रीय महासचिव बनने का गौरव भी हासिल हुआ। उमा भारती के भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष बनने के पूर्व जेपी नड्डा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे।

आज जेपी नड्डा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए हैं। बीजेपी ने संगठन चुनाव की औपचारिकता पूरी करने के लिए चुनाव की अधिसूचना भी जारी की है। लेकिन कोई भी दूसरा उम्मीदवार ना होने की वजह से नड्डा निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया।

जेपी नड्डा के समर्थन में 21 राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष नामांकन पत्र चुनाव अधिकारी राधा मोहन सिंह के सामने पेश किया. जिन राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष ने नड्डा के समर्थन में नामंकन पत्र प्रस्तुत किया उसमें दिल्ली, एमपी, उत्तराखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, महाराष्ट्र, हिमाचल जैसे राज्य शामिल हैं। नड्डा के चुनाव के साथ ही अमित शाह का अध्यक्ष के तौर पर साढ़े पांच साल का कार्यकाल ख़त्म हो जाएगा।

वहीं बीजेपी की कमान संभालने के साथ ही जेपी नड्डा के सामने दिल्ली और बिहार विधानसभा चुनाव जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी। नड्डा को राज्य और केंद्रीय संगठन में काम करने का लंबा अनुभव है।

Posted By: Kajal Kumari

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