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ITR Filing Deadline: आखिरी वक्त पर बढ़ी तारीख, 7.3 करोड़ रिटर्न के बीच क्यों मिला एक दिन का अतिरिक्त मौका?

Published: Mon, 28 Sep 2026 07:08 PM (IST)

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने आकलन वर्ष 2026-27 के लिए ऑडिट के दायरे में आने वाले करदाताओं को राहत ...और पढ़ें

ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की तारीख भी बदली

ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की तारीख भी बदली

HighLights

  1. आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 नवंबर तक बढ़ी।

  2. ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की नई समयसीमा 21 अक्टूबर 2026 हुई।

  3. ऑडिट के दायरे वाले कारोबारियों और कंपनियों को अतिरिक्त समय मिला।

जागरण संवाददाता, पटना। केंद्र सरकार ने आकलन वर्ष 2026-27 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले कुछ करदाताओं को राहत दी है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने ऑडिट के दायरे में आने वाले करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है।

अब ऐसे करदाता 21 नवंबर 2026 तक अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। पहले रिटर्न जमा करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित थी। CBDT ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर समयसीमा बढ़ाने की जानकारी दी है।

ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की तारीख भी बदली

आयकर अधिनियम के तहत ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की समयसीमा में भी बदलाव किया गया है। आकलन वर्ष 2026-27 के लिए ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दी गई है।

इस बदलाव से ऑडिट कराने वाले कारोबारियों, कंपनियों और अन्य पात्र करदाताओं को रिपोर्ट तैयार कराने और रिटर्न दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

31 अक्टूबर की जगह अब 21 नवंबर तक रिटर्न

CBDT के मुताबिक जिन करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख पहले 31 अक्टूबर 2026 थी, उन्हें अब 21 दिन अतिरिक्त मिलेंगे। नई समयसीमा 21 नवंबर 2026 तय की गई है।

वहीं, ऑडिट रिपोर्ट के लिए 30 सितंबर की निर्धारित समयसीमा को बढ़ाकर 21 अक्टूबर किया गया है। CBDT की ओर से इस संबंध में औपचारिक आदेश/अधिसूचना भी जारी की जाएगी।

कारोबारियों और कंपनियों को मिली राहत

समयसीमा बढ़ने से ऑडिट के दायरे में आने वाले कारोबारियों और कंपनियों को वित्तीय विवरणों की प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। इसके बाद वे निर्धारित समयसीमा के भीतर अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर सकेंगे।

करदाताओं को अब नई तारीखों के अनुसार अपनी ऑडिट रिपोर्ट और रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इससे निर्धारित समयसीमा को लेकर बनी जल्दबाजी भी कम होने की उम्मीद है।