IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस: लालू यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत, ED को नोटिस; 3 दिसंबर को अगली सुनवाई
Lalu Yadav IRCTC Scam: दिल्ली हाई कोर्ट ने IRCTC होटल घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद यादव ...और पढ़ें

लालू प्रसाद यादव
HighLights
दिल्ली हाई कोर्ट ने लालू की याचिका पर ED को नोटिस दिया।
लालू ने आरोप तय करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी।
IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग मामले की अगली सुनवाई 3 दिसंबर को।
डिजिटल डेस्क, पटना। Lalu Yadav IRCTC Scam: IRCTC होटल घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने उनके खिलाफ आरोप तय किए जाने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की पीठ ने एजेंसी से इस मामले में जवाब मांगा है।
लालू यादव ने 10 सितंबर को ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। उनकी याचिका में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनके खिलाफ आरोप तय करने के फैसले पर सवाल उठाए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 3 दिसंबर को निर्धारित की गई है।
ट्रायल कोर्ट से राहत मांगने की भी मिली छूट
दिल्ली हाई कोर्ट ने लालू यादव को यह छूट दी है कि वे अगली सुनवाई तक ट्रायल कोर्ट में राहत के लिए आवेदन कर सकते हैं। वे आरोप तय किए जाने के आदेश पर रोक लगाने की मांग कर सकते हैं। हालांकि, हाई कोर्ट से ED को नोटिस जारी होना अपने आप में आरोपों पर रोक लगने के बराबर नहीं है।
इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई और ट्रायल कोर्ट के समक्ष दायर किए जाने वाले आवेदन पर निर्भर करेगी। लालू यादव की याचिका पर ED का जवाब और अदालत का अगला आदेश महत्वपूर्ण होगा।
लालू, राबड़ी और तेजस्वी समेत कई आरोपियों पर आरोप तय
इससे पहले 11 सितंबर को दिल्ली की विशेष अदालत ने IRCTC होटल घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। इसके बाद लालू यादव ने इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी।
प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले की जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (PMLA) के तहत की है। जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से दर्ज FIR पर आधारित है। मामला उस समय का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे।
रेलवे होटलों के ठेके और जमीन के सौदे की जांच
CBI के अनुसार, आरोप है कि तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने नियमों की अनदेखी करते हुए पुरी और रांची स्थित रेलवे होटलों के विकास और संचालन का ठेका मेसर्स सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड को दिलाया। जांच एजेंसी ने इस प्रक्रिया में आधिकारिक पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
CBI ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, पी.सी. गुप्ता और अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) तथा प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 के तहत मामला दर्ज किया था। ये आरोप जांच एजेंसियों के दावों पर आधारित हैं और मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
जमीन और कंपनी के स्वामित्व को लेकर भी आरोप
जांच एजेंसी का आरोप है कि रेलवे होटलों के ठेके के बदले डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को करीब दो एकड़ जमीन कम कीमत पर हस्तांतरित की गई। एजेंसी के मुताबिक, कंपनी का संबंध लालू यादव के करीबी सहयोगी प्रेम चंद गुप्ता के परिवार से था।
ED के आरोपों के अनुसार, बाद में कंपनी के शेयर कम कीमत पर खरीदे गए और कंपनी का नियंत्रण राबड़ी देवी तथा तेजस्वी यादव के पास पहुंच गया।
जांच एजेंसियों ने इसे कथित लेन-देन की पूरी प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। इन आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत की सुनवाई और साक्ष्यों के मूल्यांकन के बाद होगा।
ED ने 44.75 करोड़ रुपये की संपत्ति की थी कुर्क
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने PMLA की धारा 5 के तहत कार्रवाई करते हुए 44.75 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी। एजेंसी के अनुसार, बाद में एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने भी कुर्की की कार्रवाई को सही ठहराया।
ED ने 24 अगस्त 2018 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में विशेष न्यायाधीश के समक्ष अभियोजन शिकायत दाखिल की थी।
अब लालू यादव की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई जारी है। 3 दिसंबर की सुनवाई में ED के जवाब और अदालत के अगले कदम पर नजर रहेगी।
यह भी पढ़ें- IRCTC केस में लालू परिवार को अभी राहत, लेकिन कहानी बाकी है... 10 सितंबर को कोर्ट सुनाएगा बड़ा फैसला
