राज्य ब्यूरो, पटना : मुंगेर डीआइजी के पद पर रहते हुए अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों से पैसे उगाही करने के आरोप में 2007 बैच के आइपीएस अधिकारी मो. शफीउल हक को गृह विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वह अभी पुलिस मुख्यालय में पदस्थापन की प्रतीक्षा में थे। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की जांच रिपोर्ट के आधार पर गृह विभाग ने यह कार्रवाई की है।  ईओयू की जांच रिपोर्ट के अनुसार, आइपीएस शफीउल हक सहायक अवर निरीक्षक मो. उमरान एवं एक निजी व्यक्ति के माध्यम से मुंगेर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अधिसंख्य कनीय पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों से अवैध राशि की उगाही कराते थे। जांच में यह भी पाया गया कि मो. उमरान के गलत काम संज्ञान में होने के बावजूद बतौर डीआइजी शफीउल हक ने कोई निरोधात्मक कार्रवाई नहीं की। इससे पूरे मामले में उनकी सहभागिता साबित होती है। 

गवाह व साक्ष्यों की सूची जारी

गृह विभाग ने मामला संज्ञान में आने के बाद विभागीय कार्यवाही शुरू की। इस दौरान आइपीएस अधिकारी के विरुद्ध साक्ष्य और गवाहों की सूची भी जारी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने शफीउल हक को निलंबित करने का निर्णय लिया। इस दौरान उनका मुख्यालय पटना रेंज के आइजी का कार्यालय होगा। निलंबन अवधि में उन्हें सिर्फ जीवन निर्वाह भत्ता ही देय होगा। 

लालगंज थानाध्यक्ष के कई ठिकानों पर छापेमारी

जागरण टीम, वैशाली : वैशाली जिले में पहली बार शराब कारोबारी से संबंध रखने के आरोप में बुधवार को आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। लालगंज के वर्तमान थानाध्यक्ष चंद्रभूषण शुक्ला के ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई की टीम एवं एसटीएफ ने छापेमारी की। जिले में किसी थानाध्यक्ष के खिलाफ शराब मामले में कार्रवाई को लेकर हड़कंप मच गया है। लालगंज थानाध्यक्ष शुक्ला के थाना स्थित सरकारी आवास एवं हाजीपुर सदर थाना क्षेत्र स्थित उनके किराए के आवास में भी छापेमारी की गई। सुबह आठ बजे से दोपहर करीब दो बजे तक टीम ने यहां सघन छापेमारी की। इस दौरान आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने थानाध्यक्ष से घंटों बंद कमरे में पूछताछ की। वहीं, हाजीपुर स्थित किराए के मकान में रह रहे लोगों से भी गहन पूछताछ की गई। छापेमारी एवं पूछताछ के दौरान किसी को भी ना तो अंदर जाने दिया गया और ना ही आवास से बाहर ही निकलने दिया गया। छापेमारी के दौरान पुलिस टीम काफी मुस्तैद थी। 

Edited By: Akshay Pandey