पटना [काजल]। पिछले साल रूबी राय और इस बार गणेश कुमार दोनों आर्ट्स के टॉपर, दोनों के रिजल्ट के पीछे की छिपी सच्चाई तबतक पता नहीं चल पाती जबतक मीडिया ने इसपर ध्यान  न दिया होता। दोनों फर्जीवाड़े में गिरफ्तार हुए, लेकिन क्या दोष रूबी राय और गणेेश कुमार का है? शिक्षा की एेसी व्यवस्था जिसपर हर साल प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं।

मीडिया ने टॉपर्स की खोल दी पोल

जानें  इससे पहले कितने रूबी राय और गणेश कुमार सरीखे टॉपर होंगे जो मीडिया की नजर से बचे रह गए होंगे और उनकी सच्चाई सामने नहीं आई होगी। पिछले साल अगर रूबी राय का इंटरव्यू लेने मीडिया की टीम ना पहुंचती तो इतना बडा़ घोटाला उजागर नहीं होता। वहीं इस बार भी मीडिया ने अगर गणेश के सुर-ताल को परखा नहीं होता तो रिजल्ट की सच्चाई सामने नहीं आती। 

सवाल पूछने पर भड़के थे शिक्षामंत्री

रिजल्ट और टॉपर गणेश के बारे में पूछने पर शिक्षामंत्री अशोक चौधरी ने दो टूक कहा था कि टॉपर सही है और उससे पूछने वाले लोग संगीत के विशेषज्ञ थे क्या? आज जब सच्चाई सामने आ गई तो बैठकें, कार्रवाई और जांच की बात कही जा रही है। गणेश जेल में गाने गा रहा है और रिजल्ट रद करने की बात हो रही है। आइपीसी की तमाम धाराएं उसपर लगाई गई हैं।

पिछले कई सालों से हो रही है शिक्षा तंत्र की फजीहत

शिक्षा व्यवस्था की पिछले कई सालों से हो रही एेसी फजीहत से लाखों छात्रों की मेरिट पर सवाल खड़ा होता है। बिहार के छात्रों की प्रतिभा किसी की मुंहताज नहीं है। एेसी ही शिक्षा पद्धति से पढ़कर हर साल देश की विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में बिहार के छात्र अपना परचम लहरा रहे हैं, लेकिन बिहार में हर साल हो रहे टॉपर्स के रिजल्ट पर प्रश्नचिन्ह उन प्रतिभाशाली छात्रों को भी शर्मसार करती है।

इस बार बोर्ड की  परीक्षाओं में नकल को रोकने के लिए तमाम उपाय किए गए, बड़े-बड़े वादे किए गए। लेकिन आज बोर्ड की हर कोशिश पर पानी फिर गया है, रिजल्ट से छात्र आक्रोशित हैं, हंगामा कर रहे हैं तो दूसरी ओर इंटर आर्ट्स टॉपर गणेश की गिरफ्तारी से बिहार की शिक्षा व्यवस्था फिर से सुर्खियों में आ गई है।

नकल की तस्वीरें देश-विदेश में हुई थीं वायरल

कभी ऊंची दिवाल पर चढ़ अपनी जान को जोखिम में डालकर छात्रों को नकल कराने की तस्वीरें देश-विदेश की सुर्खियों में आ गई थी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसपर गंभीरता दिखाते हुए शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की बात कही थी।

पिछले साल के टॉपर रूबी राय और सौरभ श्रेष्ठ के कारनामे हुए उजागर

उसके अगले ही साल आर्ट्स की टॉपर रूबी राय और साइंस के टॉपर सौरभ श्रेष्ठ ने व्यवस्था को चिढाते हुए शिक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दीं और बच्चा राय, लालकेश्वर, परमेश्वर, ऊषा सिन्हा के साथ ही बिहार बोर्ड में वर्षों से चल रही धांधली उजागर हो गई।

इस बार की गई थी सख्ती

इस बार खराब हुए रिजल्ट पर राज्य सरकार का कहना है कि पिछले साल के नकल और घोटालों के बाद इस साल सख्ती बरती गई जिसकी वजह से परिणाम एेसे खराब हुए हैं।  इस साल की परीक्षा कड़ी निगरानी के बीच  हुई, सीसीटीवी कैमरे लगे तो परीक्षा केंद्र से पहले छात्रों की तलाशी तक ली गई।

परीक्षा केंद्रों से मीडिया को भी दूर रखा गया। उत्तरपुस्तिकाओं में बार कोड भी लगाये गये। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी कहा कि इंटर की परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हुई, ये एक सकारात्मक पहलू है।

21 साल में कितनी बदली बिहार की शिक्षा व्यवस्था

बिहार बोर्ड के इस बार आए बारहवीं के नतीजे की बात करें तो  21 साल पहले 1996 में भी इंटरमीडिएट का रिज़ल्ट आया था और ज़्यादातर स्कूल, कॉलेज ऐसे थे, जहां कोई पास नहीं हुआ था। क़रीब 11 फीसदी छात्र सफल हुए थे। वो अब तक का बिहार का सबसे ख़राब रिज़ल्ट था। ऐसा नहीं था सरकार ने सिस्टम सुधारा था, कोर्ट की निगरानी में चोरी बंद हुई और नतीजा ऐसा कि सब हैरान रह गए थे। 

नीतीश कुमार को सत्ता में आए 12 साल हो गए हैं उन्होंने शिक्षा को लेकर खूब दावे किए लेकिन हक़ीकत ये है कि सरकारी स्कूल, कॉलेज बेहाल होते जा रहे हैं। नकल को रोकने की कोशिश तो की गई लेकिन इससे एेसे कई छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया जो जेईई मेंस की परीक्षा तो पास कर गए हैं लेकिन इंटर की परीक्षा में फेल हो गए हैं। दूसरा पहलू ये कि आर्ट्स का टॉपर फर्जीवाड़े में जेल भेजा गया है। 

यह भी पढ़ें: लगातार दूसरा साल, जब बिहार बोर्ड के इंटर टॉपर का रिजल्ट होगा रद, हुई गिरफ्तारी

गणेश कुमार या रूबी राय क्यों? उनकी गिरफ्तारी क्यों? उनका क्या दोष है? दोष तो शिक्षा प्रणाली का है और इस पूरे तंत्र को सुधारने की जरूरत है। 

यह भी पढ़ें: बिहार बोर्ड टॉपर स्‍कैम: गिरफ्तारी पर बोला गणेश, लोग ऐसे ही बनते हैं आतंकी

Posted By: Kajal Kumari

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस