यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बूथ कैप्चरिंग और चुनावी गड़बड़ी को रोकने के लिए चुनाव आयोग बना रहा प्लान, वल्नरेबल बूथ को किया जा रहा चिह्नित
बिहार में विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण कराने के लिए बूथों और मतदाताओं की पहचान की जा रही है। चुनाव आयोग ...और पढ़ें

HighLights
- बूथों और मतदाताओं की पहचान शुरू |
- वल्नरेबल बूथों पर सुरक्षा बढ़ाई जाएगी |
- अनुपस्थित अफसरों से मांगा गया स्पष्टीकरण |
राज्य ब्यूरो, पटना। विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के साथ ही हर मतदाता को निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए बूथ एवं मतदाताओं की पहचान करने की पहल शुरू कर दी गई है।
इसमें वैसे मतदाताओं और बूथों को चिह्नित किया जा रहा है जिनको डराया-धमकाया या मतदान को प्रभावित किया जा सकता है।
चुनाव आयोग के निर्देश पर हर जिलों में जिला चुनाव मैनेजमेंट प्लान की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके तहत वल्नरेबल बूथ एवं मतदाता परिवारों को चिह्नित किया जाता है। साथ ही हर विधानसभा में उपलब्ध सुविधाओं का आकलन भी किया जा रहा है।
आयोग के आदेश के बाद जिलों में ऐसे वल्नरेबल बूथों की पहचान की जा रही है जहां जहां चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होने की संभावना अधिक होती है। ऐसे केंद्रों पर मतदाताओं को स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से वोट डालने में बाधा आ सकती है।
वल्नरेबल बूथ की पहचान इस आधार पर की जाती है कि जहां मतदाताओं पर दबाव, डराने-धमकाने की घटनाएं पहले हुई हों। इसके अलावा जहां बूथ कैप्चरिंग का इतिहास हो। साथ ही जहां किसी जाति/समुदाय/धार्मिक समूह के मतदाताओं को वोट डालने से रोका जाता हो।
वल्नरेबल बूथों में उस बूथ को भी शामिल किया जाता है जहा अत्यधिक हिंसा, चुनावी गड़बड़ी, धमकी या डर का माहौल पाया गया हो। जहां पिछले चुनावों में असामान्य रूप से कम या ज्यादा मतदान हुआ हो।
इसके अलावा वल्नरेबल मतदाताओं में वैसे वोटरों को चिह्नित किया जा रहा है जिन्हें दबाव, प्रलोभन, धमकी या अन्य किसी कारण से अपनी मर्जी से वोट डालने में कठिनाई होती है। इसके अलावा जिन्हें राजनीतिक दल या प्रभावशाली लोग आसानी से प्रभावित कर सकते हैं।
विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग ऐसे चिह्नित बूथों और मतदाताओं की सुरक्षा के लिए वल्नरेबल बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करेगा। वेबकास्टिंग, सीसीटीवी निगरानी, माइक्रो आब्जर्वर की व्यवस्था की जाएगी।
प्रशिक्षण में अनुपस्थित 103 अफसरों से स्पष्टीकरण मांगा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने दो दिवसीय प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले 103 सहायक निर्वाची अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया हैं। अफसरों पर आरोप है कि वह बगैर सूचना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से दिए गए दो दिवसीय प्रशिक्षण में सम्मिलित नहीं हुए हैं।
