यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
India Nepal Tension: नेपाल के रास्ते भारत में घुसने की कोशिश में तीन पाक आतंकी, बिहार में बॉर्डर पर हाईअलर्ट
India Nepal Tension नेपाल से भारत के तनाव का लाभ पाकिस्तानी आतंकवादी उठाना चाह रहे हैं। ऐसे ही तीन आतंकियों ...और पढ़ें

सीतामढ़ी, जेएनएन। India Nepal Tension: भारत व नेपाल के बीच इन दिनों संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। इसका लाभ भारत विरोधी तत्व उठाना चाहते हैं। ऐसी ही एक आशंका को लेकर बिहार में नेपाल सीमा पर हाई अलर्अ जारी किया गया है। दिल्ली को दहलाने की नाकाम साजिश में आइइडी के साथ एक आतंकी की गिरफ्तारी और तीन पाक आतंकियों के नेपाल के रास्ते भारत में घुसने की सूचना के बाद भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पूर्वी चंपारण के रक्सौल तथा सीतामढ़ी के बैरगनिया के पास सीमा पर चौकसी विशेष तौर पर बढ़ा दी गई है।
सीमाएं पहले से सील, पूरे इलाके में रखी जा रही कड़ी नजर
सीतामढ़ी के एसपी अनिल कुमार ने कहा कि लॉकडाउन को लेकर सीमा पहले से ही सील है। सुरक्षा एजेंसियां चौकस हैं। सीमाई क्षेत्र के थानाध्यक्षों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की दोनों बटालियनों के साथ समन्वय कर सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी नजर रखने को कहा गया है। वहीं, एसएसबी-20 वीं बटालियन के कमांडेंट तपन कुमार दास ने कहा कि हमने सीमा क्षेत्र के लोगों से किसी अनजान या संदिग्ध को देखने पर तुरंत सूचना देने को कहा गया है। जवान चौकस हैं। उधर, रक्सौल डीएसपी संजय कुमार झा ने बताया कि पुलिस सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था में जुटी है।
भारत-नेपाल सीमा आतंकी गतिविधियों का केंद्र
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में गिरफ्तार आतंकी का यूपी से ताल्लुक है। आशंका है कि उसका बिहार से भी संपर्क हो। हाल के वर्षों में चार बड़े आतंकी विभिन्न राज्यों से लगी नेपाल सीमा से पकड़े गए। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि आतंकी घुसपैठ का सबसे आसान रास्ता भारत-नेपाल सीमा है। आतंकवाद को संरक्षण देने वाले पाकिस्तान के लिए भारत-नेपाल सीमा सबसे मुफीद साबित हो रही है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, नेपाल में पाकिस्तान एंबेसी आतंकियों के छिपने और रहने का प्रबंध करती है। भारत व नेपाल के बीच उपजे ताजा सीमा विवाद व तनाव के कारण नेपाल में ये गतिविधियां बढ़ गईं हैं।
