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INDIA ब्लॉक की SC में याचिका में 14 खामियां: संजय सरावगी का तंज- पहले गलतियां सुधारिए, फिर ECI पर उठाइए सवाल

Published: Wed, 14 Oct 2026 10:02 AM (IST)

बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने INDIA ब्लॉक की सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के खिलाफ दायर याचिका में 14 ...और पढ़ें

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी

HighLights

  1. बीजेपी ने INDIA ब्लॉक की याचिका में 14 खामियां बताईं।

  2. संजय सरावगी ने विपक्ष पर राजनीतिक ड्रामा करने का आरोप लगाया।

  3. सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने भी याचिका में खामियां बताई थीं।

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में चुनावी माहौल के बीच चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची INDIA ब्लॉक की याचिका पर सियासत तेज हो गई है। बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने याचिका में कथित खामियों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है।

उन्होंने दावा किया कि याचिका में 14 बुनियादी गलतियां मिली हैं और कोर्ट फीस भी पूरी तरह जमा नहीं की गई है। सरावगी ने विपक्ष पर चुनावी व्यवस्था को लेकर राजनीतिक ड्रामा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अदालत में तथ्यों और सबूतों के आधार पर बात रखनी होती है।

14 खामियों को लेकर बीजेपी का हमला, विपक्ष पर साधा निशाना

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने INDIA ब्लॉक की याचिका को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। ANI से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि याचिका में 14 बुनियादी गलतियां पाई गई हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि याचिका दाखिल करने के दौरान कोर्ट फीस पूरी तरह जमा नहीं की गई और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की आईडी से जुड़ी जानकारी भी स्पष्ट नहीं है। सरावगी ने इन कथित खामियों के आधार पर विपक्ष की तैयारी पर सवाल उठाए।

'सड़क पर ड्रामा करना आसान, कोर्ट में तथ्य और सबूत चाहिए'

संजय सरावगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सड़क पर राजनीतिक विरोध करना आसान है, लेकिन अदालत में तथ्यों और सबूतों के साथ अपनी बात रखनी पड़ती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी हार की नाराजगी में विपक्ष ने कानूनी लड़ाई का रास्ता चुना है। बीजेपी नेता ने INDIA ब्लॉक को पहले याचिका की प्रक्रियागत कमियां दूर करने की सलाह दी। हालांकि, याचिका में बताई गई खामियां प्रक्रियागत आपत्तियां हैं, अपने आप में मामले के मूल मुद्दों पर न्यायिक फैसला नहीं।

सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने भी बताईं 14 खामियां

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने 12 अक्टूबर को दाखिल याचिका में 14 खामियों की ओर ध्यान दिलाया था। यह याचिका लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और INDIA ब्लॉक के नौ अन्य नेताओं की ओर से दायर की गई है।

इसमें चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को चुनौती दी गई है। रजिस्ट्री ने याचिका में कुछ जानकारियों को दुरुस्त करने और प्रतिवादियों के विवरण स्पष्ट करने को कहा है।

चुनाव आयुक्तों को पक्षकार बनाने पर भी मांगा स्पष्टीकरण

रजिस्ट्री ने याचिकाकर्ताओं से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों एसएस संधू तथा विवेक जोशी को व्यक्तिगत रूप से प्रतिवादी क्यों बनाया गया है।

यह आपत्ति संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका के संदर्भ में उठाई गई है। इसके अलावा, रजिस्ट्री ने सूचीकरण प्रपत्र में प्रतिवादी का नाम सुधारने, पृष्ठ संख्या नौ पर प्रतिवादियों का विवरण ठीक करने और याचिका में राहत की मांग वाले हिस्से में प्रतिवादी का सही क्रमांक देने को कहा है।

SIR प्रक्रिया पर INDIA ब्लॉक ने उठाए गंभीर सवाल

INDIA ब्लॉक की याचिका में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने चुनाव आयोग के फैसलों, फॉर्म-6 में बदलाव, ECINET और ERONET की कार्यप्रणाली तथा मतदाताओं के नाम हटाने या बहाल करने की प्रक्रिया की जांच की मांग की है।

उनका आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में चुनाव आयोग की शक्तियों के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े होते हैं। याचिका में आयोग से संबंधित फाइलें, बैठक के एजेंडे, कार्यवृत्त और अन्य रिकॉर्ड भी पेश करने की मांग की गई है।

मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच की मांग

याचिकाकर्ताओं ने मतदाता सूची के डेटाबेस और नाम हटाने की प्रक्रिया का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग भी की है। इसके साथ ही उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया है कि किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे नोटिस दिया जाए और अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिले।

याचिका में संविधान के अनुच्छेद 324 और 2023 के संबंधित कानून के तहत चुनाव आयोग की कार्रवाई की वैधता की जांच की मांग भी शामिल है।

अब कानूनी प्रक्रिया पर टिकी नजरें, सियासत भी तेज

यह याचिका 12 अक्टूबर को दाखिल की गई थी। इससे पहले भारत के मुख्य न्यायाधीश की ओर से 11 अक्टूबर को लिखित सूचना में बताया गया था कि इसी तरह के मुद्दों से जुड़े मामले 13 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं और याचिकाकर्ता 12 अक्टूबर को अपनी याचिका दाखिल कर सकते हैं।

फिलहाल, रजिस्ट्री की आपत्तियों को लेकर बीजेपी और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज है। हालांकि, याचिका में प्रक्रियागत खामियां दूर होने और मामले के गुण-दोष पर न्यायिक विचार होने के बीच अंतर है। चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को लेकर अंतिम कानूनी स्थिति अदालत की कार्यवाही से ही स्पष्ट होगी।