पटना, राज्य ब्यूरो। बिहार में कोरोना के बढ़ते संदिग्ध मामलों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। 15 जनवरी के बाद राज्य में कोरोना के संदिग्ध मामलों कि संख्या अब अचानक ही तेजी से बढ़ने लगी है। आलम यह है कि एक दिन में करीब 20 से 50 कोरोना संदिग्धों को सर्विलांस पर भेजा जा रहा है।

हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने 15 जनवरी को ही एडवाइजरी जारी करते हुए जिला अस्पतालों के साथ ही एम्स राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोरोना संदिग्धों के आइसोलेशन के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दे दिए थे। अब ये आदेश भी जारी किया गया है कि सभी जिलों में नियंत्रण कक्ष बनाएं जाएं। जहां कोरोना को लेकर कोई जानकारी प्राप्त होती है तो संबंधित व्यक्ति के इलाज की व्यवस्था उनके घर पर की जाए ताकि अस्पतालों पर दबाव कम किया जा सके। गंभीर होने पर ही उनका इलाज अस्पताल में किया जाए।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक राज्य के सभी 38 जिला अस्पताल में कोरोना के संदिग्ध मरीजों के आइसोलेशन की व्यवस्था की गई है। जिला अस्पताल में 5 से 10 बेड के आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। वहीं दूसरी ओर पीएमसीएच में 50 और राज्य के दूसरे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 10 से 20 बेड के आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अलावा पटना एम्स और इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान पटना में भी कोरोना संदिग्धों के इलाज की व्यवस्था की गई है। 

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार के मुताबिक राज्य के मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के साथ ही जिला अस्पताल में कोरोना ग्रसित लोगों के इलाज के लिए पर्याप्त साधन विकसित किए गए हैं। पटना में होटल पाटलिपुत्र अशोक में भी 200 लोगों के क्वॉरेंटाइन करने की व्यवस्था की गई है साथ ही गया में होटल सिद्धार्थ को क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाया गया है । यहां 100 बेड हैं जिनमें आइसोलेट किए गए कोरोना मरीजों को रखा जा सकेगा।

प्रधान सचिव ने बताया कि बिहार में कोरोना को महामारी घोषित करते हुए जिलाधिकारियों को कई शक्तियां दी गई हैं। जिलाधिकारी आवश्यकता पड़ने पर किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल को सीज करते हुए उन्हें कोरोना मरीजों के इलाज केंद्र के रूप में विकसित कर सकते हैं। 

एक नज़र में 

  • पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल पटना 50 बेड
  • श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल मुजफ्फरपुर 10 बेड
  • दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल लहरिया सराय 10 बेड
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज बेतिया 10 बेड
  • जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल भागलपुर 10 बेड
  • वर्द्धमान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस पावापुरी 10 बेड
  • अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज व अस्पताल गया 20 बेड
  • नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल पटना 20 बेड
  • जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज वह अस्पताल मधेपुरा 10 बेड
  • इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान पटना 20 बेड
  • इसके साथ ही सभी 38 जिला अस्पताल में 5 से 10 बेड को आइसोलेशन वार्ड के रूप में तब्दील किया गया है।

Posted By: Rajesh Thakur

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