जागरण टीम, पटना। बिहार में तापमान में गिरावट आई है, लेकिन लू का कहर जारी है। मंगलवार को भी 19 लोगों की मौत होने की सूचना है। गया में जहां चार लोगों की मौत हो गई है। वहीं वैशाली, भोजपुर, नालंदा व छपरा जिले के सोनपुर में मंगलवार को लू लगने से दस लोगों की मौत हो गई। इस तरह, चार दिन में लू से अब तक 265 लोगों की मौत हो चुकी है। उनके दाह संस्‍कार के लिए लकडि़यां भी कम पड़ती दिख रही हैं। बता दें कि सोमवार तक 246 लोगों की मौत हुई थी। हालांकि सरकारी आंकड़ा इससे काफी कम है। सरकारी आंकड़े के अनुसार महज 83 लोगों की मौत हुई है।  
मंगलवार को हुई 19 और लोगों की मौत
मंगलवार को लू से वैशाली में मोहनपुर पंचायत के जयबल्ली ठाकुर (62) व बेलसर ओपी क्षेत्र के अफजलपुर मिशौलिया गांव निवासी हरेंद्र महतो (50) की लू लगने से मौत हो गई। वहीं नालंदा जिले के खानपुर गांव निवासी शैलेंद्र पासवान की मां फुलवा देवी (75), कतरीसराय के सैदी गांव के मकेश्वर उर्फ मुकेश सिंह की मां सावित्री देवी (75), सिलाव प्रखंड के नीरपुर ताजुबिगहा के नरेश मांझी, लोदी पकरीसराय के कैलू पासवान व गोविंदपुर के दशरथ मांझी  की जान लू से चली गई। भोजपुर जिले के चरपोखरी थाना क्षेत्र के नगरी निवासी अमावस राम (42) और पूनम देवी (38) तथा सोनपुर अनुमंडल कार्यालय स्थित वकालत खाना में चपरासी 55 वर्षीय मिथिलेश कुमार की लू लगने से मौत हो गई। उधर लू से सबसे पीडि़त शहर औरंगाबाद में मंगलवार को भी पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि गया में चार लोगों के मरने की खबर है।  

सोमवार को मगध व शाहाबाद में 42 की हुई थी मौत
मगध व शाहाबाद क्षेत्र में लू ने सोमवार को भी 42 लोगों की जान ले ली। वहीं मुंगेर में 05 व नालंदा, पटना, वैशाली, छपरा, बेगूसराय, बक्सर व अरवल में 17 लोग लू के शिकार हुए हैं। मधेपुरा में भी लू से दो मौत होने की बात सामने आई है। लू से मौत का यह सिलसिला थम नहीं रहा। 

कई जिलों में धारा 144 लागू

लू को देखते हुए गया, गोपालगंज, सीतामढ़ी, बेगूसराय सहित कई जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है। वहीं, श्रम विभाग के आदेश के मुताबिक कोई भी श्रमिक सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक काम नहीं करेगा। 

गया में दाह-संस्कार के लिए लकड़ियां पर गयी हैं कम

गया जिले में लू और आसमानी कहर से अब तक कई लोगों की मौत हो गई हैं। कहा जा रहा है कि विष्णुपद श्मशान घाट पर पिछले तीन दिनों में अब तक करीब 300 शवों का दाह संस्कार किया गया है। एक चिता पूरी तरह से सजती नहीं कि उससे पहले ही दूसरा शव श्मशान घाट पर पहुंच जाता है। ऐसे में कफन और लकड़ी बेचने वाले भी हैरान हैं। यहां दाह-संस्कार को लकड़ियां कम पर जा रही हैं। 

लगातार हो रही मौत

सोमवार को गया में आठ और औरंगाबाद में पांच लोगों की लू से मौत हो गई। औरंगाबाद में शनिवार से रविवार तक 69 लोगों की मौत हो चुकी थी। यहां मरीजों के आने का सिलसिला जारी है। यहां करीब 100 मरीज अभी भी भर्ती हैं। इसके पहले तीन दिन में बिहार में 62, 118 व 76 लोगों की मौत लू से हो गयी थी। वहीं मंगलवार को भी 19 और लोगों की मौत हुई है।  

सासाराम में भी स्थानीय स्रोत से 17 लोगों की मौत बता रहे, इसका रिकॉर्ड भी है। लेकिन सिविल सर्जन डॉ. जनार्दन शर्मा ने पांच के ही मरने की आधिकारिक पुष्टि की है। दरअसल, पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मची हुई है। मौत के जो आधिकारिक रिकॉर्ड हैं, उससे कहीं ज्यादा खतरनाक स्थिति है।

सुदूर ग्रामीण इलाकों में कई मौतें हुई हैं, जिसका अस्पताल में रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन स्थानीय मुखिया आदि उसकी पुष्टि कर रहे। सोमवार को सासाराम में ही पुलिस ने एक अज्ञात शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जिसमें मौत का कारण लू लगना दर्शाया है। एक दिन पहले गया के मानपुर में भी ऐसे ही एक व्यक्ति हो गई। 

वहीं सोमवार को लू से नालंदा, हाजीपुर, छपरा, बेगूसराय, बक्सर व अरवल में सत्रह लोगों की मौत हो गई। इनमें नालंदा में सात, अरवल में दो, वैशाली में तीन, पटना, बक्सर, छपरा, बेगूसराय व सोनपुर का एक-एक व्यक्ति शामिल हैं। कई लोग आक्रांत हैं। 

पिछले 48 घंटे में मुंगेर सदर अस्पताल में लू और डायरिया से पीडि़त पांच लोगों की मौत हो गई। मधेपुरा में भी सोमवार के लू की चपेट में आने से एक बालक और एक अधेड़ महिला की मौत हो गई। 

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मंगल पांडेय ने सोमवार को औरंगाबाद सदर अस्पताल और मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल, गया का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की मरीजों के इलाज के पुख्ता प्रबंध के निर्देश दिए। दोनों जगहों पर आठ-आठ अतिरिक्त डॉक्टरों की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। 

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Posted By: Kajal Kumari