सिवान, जागरण संवाददाता। हत्‍या के मामले में सिवान मंडल कारा में बंद एक बंदी ने बुधवार देर शाम आत्‍महत्‍या का प्रयास किया। उसने गले में फंदा लगा लिया। लेकिन ऐन वक्‍त पर नजर पड़ जाने से उसे तुरंत नीचे उतारा गया। इसके बाद सदर अस्‍पताल ले जाया गया। हालत गंभीर देखकर वहां से उसे पटना रेफर कर दिया गया। डाक्‍टर के अनुसार उसके गर्दन की हड्डी टूट गई है। इस कारण उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। आत्‍महत्‍या का प्रयास करने वाले बंदी का नाम छोटेलाल राम है। हालांकि, उसने जान देने की कोशिश क्‍यों की, इसका पता नहीं चल सका है। 

दो वर्षों से है मंडल कारा में बंद 

छोटेलाल राम महाराजगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला है। मंडल कारा के अधीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि हत्‍या के एक मामले में वह 16 जुलाई 2020 से यहां बंद था।छोटेलाल राम मंडल कारा के वार्ड नंबर 19 में रखा गया था। शाम के समय बंदियों की ग‍िनती के दौरान चुपके से छोटे लाल गैस गोदाम में चला गया। वहां करकट में लगे पाइप में गमछा का फंदा बनाया और उससे झूल गया। लेकिन तुरंत गिनती कर रहे सुरक्षाकर्मियों को अहसास हो गया कि एक बंदी नहीं है। इधर-उधर जांच की गई तो वह गैस गोदाम में फंदे से लटका मिला। उसे तुरंत उतारा गया। सदर अस्‍पताल ले जाया गया। लेकिन हालत गंभीर देखकर वहां से उसे पटना रेफर कर दिया गया।  

पहले भी बंदी करते रहे हैं आत्‍महत्‍या का प्रयास 

गौरतलब है कि जेल में आत्‍महत्‍या के प्रयास की घटना नई नहीं है। पहले भी कई बार बंदियों ने ऐसा प्रयास किया है। किसी ने ब्‍लेड से गला काट लिया तो किसी ने गले में फंदा कस लिया। इस कारण से जेल में बंदियों पर कड़ी निगरानी रखी जाती है। बावजूद इस तरह की घटना कहीं न कहीं जेल प्रशासन की चौकसी पर सवाल खड़े करता है।  

Edited By: Vyas Chandra