यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar: अब नहीं छिपा सकेंगे जमीन-मकान, रजिस्ट्री के लिए आधार सत्यापन अनिवार्य; फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
Bihar Property Registry News राज्य के सभी जिलों में तत्काल प्रभाव से जमीन व फ्लैट आदि की खरीद-बिक्री के लिए ...और पढ़ें

पटना, राज्य ब्यूरो: राज्य के सभी जिलों में तत्काल प्रभाव से जमीन व फ्लैट आदि की खरीद-बिक्री के लिए आधार सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।
मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के निर्देश के बाद सभी जिलों में इससे जुड़ा आदेश जारी कर दिया गया है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन-फ्लैट की बिक्री में फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। इसके साथ ही किसी व्यक्ति के नाम पर कितने जमीन-मकान है, यह छिपाना आसान नहीं होगा। आधार नंबर के जरिए इसका पूरा डाटा सरकार के पास होगा।
विभागीय आदेश के अनुसार, राज्य के सभी जिलों में जमीन-फ्लैट के निबंधन से पहले क्रेता और विक्रेता दोनों का आधार से सत्यापन किया जाएगा। जमीन के दस्तावेजों में आधार कार्ड की जानकारी तो देनी ही होगी, अंगुलियों के निशान लेकर इसका सत्यापन भी किया जाएगा, ताकि जमीन बेचने या खरीदने वाले की सही पहचान हो सके।
इसके लिए आधार के डाटाबेस से नाम आदि का मिलान किया जाएगा। कई बार गवाह के जरिए दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर भी फर्जी तरीके से जमीन या फ्लैट की खरीद-बिक्री करने के मामले सामने आते रहे हैं, नई व्यवस्था से इसपर अंकुश लगेगा।
केंद्र सरकार ने निबंधन (रजिस्ट्री) में बेनामी संपत्ति पर रोक लगाने और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए भी राज्यों को आधार सत्यापन से इसे जोड़ने का निर्देश दिया था। इसके बाद विभाग ने पहले इसे एक जनवरी से ही लागू करने की योजना बनाई थी। हालांकि, व्यवस्था आदि में देर होने पर अब दस मई से इसे लागू कर दिया गया है।
शराबियों का पहले से हो रहा आधार सत्यापन
मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग इसके पूर्व शराब के नशे में पकड़े गए लोगों का भी आधार से सत्यापन करा रहा है। यह व्यवस्था पहले पटना में लागू की गई थी जिसे बाद में अन्य जिलों में भी लागू कर दिया गया।
इस व्यवस्था में शराब के नशे में पकड़े जाने पर शराबी व्यक्ति की अंगुलियों का निशान लेकर सत्यापन किया जाता है, ताकि पता चल के कि पकड़े गए व्यक्ति ने पहली बार शराब पी है या दूसरी बार।
अगर पकड़े गए व्यक्ति का डाटा पहले से मौजूद होता है, तो इस बात की पुष्टि हो जाती है कि वह पहले भी शराब पीने के अपराध में पकड़ा गया है।
