नलिनी रंजन, पटना। एक आंकड़े मुताबिक राज्य में लगभग 70 लाख क्रोनिक हार्ट डिजीज (हृदय रोग) के मरीज हैं। हृदय रोगियों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (आइजीआइएमएस) में 200 बेड का विशेष हृदय रोग इमरजेंसी बनाई जाएगी। इसके लिए संस्थान की भवन निर्माण कमेटी की हरी झंडी मिल गई है।

राशि के लिए सरकार के पास भेजी गई है डिमांड

अब जगह चयन व डीपीआर तैयार कर राशि के लिए सरकार के पास डिमांड भेजी गई है। इमरजेंसी के निर्माण में 200 करोड़ रुपये खर्च आएगा। निर्माण को लेकर प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग को भी भेज दिया गया है। अस्पताल में पैथोलॉजी जांच से लेकर हर तरह की सुविधाएं होंगी। आइजीआइएमएस के कॉर्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि आगामी 50 वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखकर इस विशेष इमरजेंसी अस्पताल का निर्माण होगा। जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस से देश के बड़े अस्पतालों में भी मरीजों को भेजा जा सकेगा। निर्माण 35 सौ वर्ग फीट में होगा। पूरा क्षेत्रफल पांच हजार वर्गफीट का होगा। 200 करोड़ की राशि के लिए वित्त विभाग से आग्रह किया गया है।

किस फ्लोर पर क्या होगी सुविधा

बेसमेंट: 200 वाहनों की पार्किंग एवं न्यूक्लियर कॉर्डियोलॉजी की व्यवस्था होगी। स्ट्रेस थैलियम, पेट सीटी आदि की सुविधा होगी।

ग्राउंड फ्लोर: इसमें 20 बेड का ट्रायज होगा। इमरजेंसी के साथ-साथ एक्स-रे, इको, सीटी स्कैन, ईसीजी, एमआरआइ, पैथोलॉजी सहित सभी तरह की जांच सुविधाएं होगी।

पहला फ्लोर: 40-40 बेड की कोरोनरी केयर यूनिट (सीसीयू) के अलावा ओपीडी सुविधा होगी। प्राइवेट इवनिंग क्लीनिक की भी सुविधा होगी।

दूसरा तल: 100 बेड का सामान्य वार्ड होगा। दूसरी तरफ इसी तल पर 40 बेड का प्राइवेट वार्ड होगा।

तीसरा तल: कॉर्डियक थोरेसिक ऑपरेशन थिएटर, कैथलैब एवं रिकवरी रूम होंगे।

टॉप फ्लोर: एयर एंबुलेंस (हेलीकॉप्टर) लैंडिंग की सुविधा होगी।

सोमवार से पीएमसीएच में बढ़ेंगे 32 आइसीयू बेड

पटना: पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) में सोमवार से मेडिसिन आइसीयू में 32 बेड बढ़ जाएंगे। इससे राज्यभर से वहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. विद्यापति चौधरी का कहना है कि अस्पताल में आइसीयू को लेकर मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके मद्देनजर आइसीयू में बेड बढ़ाने का निर्णय लिया गया। बेड बढ़ाए जाने से इमरजेंसी मरीजों को काफी मदद मिलेगी।

एमडीआर का वार्ड बनकर हुआ तैयार

पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. विद्यापति चौधरी का कहना है कि टीबी मरीजों के लिए एमडीआर वार्ड बनकर तैयार हो गया है। अब तक यहां एमडीआर वार्ड नहीं होने के कारण टीबी के एमडीआर मरीजों को आइजीआइएमएस रेफर करना पड़ता था।

Posted By: Akshay Pandey

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