विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पटना IGIMS में रैगिंग के आरोप में 3 MBBS छात्र 3 महीने के लिए सस्पेंड, हॉस्टल भी छोड़ना होगा

Published: Thu, 15 Oct 2026 04:01 PM (IST)

पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में रैगिंग के आरोप में तीन एमबीबीएस छात्रों को तीन महीने के लिए ...और पढ़ें

निलंबन के बाद एंटी रैगिंग कमेटी करेगी समीक्षा

निलंबन के बाद एंटी रैगिंग कमेटी करेगी समीक्षा

HighLights

  1. IGIMS पटना में 3 MBBS छात्र निलंबित।

  2. रैगिंग के आरोप में 3 महीने की कार्रवाई।

  3. कक्षाओं और हॉस्टल सुविधाओं से वंचित रहेंगे।

जागरण संवाददाता, पटना। इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS), पटना में रैगिंग के आरोप में तीन एमबीबीएस छात्रों पर कार्रवाई की गई है। प्राचार्य कार्यालय की ओर से आठ अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार, एमबीबीएस 2024 बैच के तीन छात्रों आदित्य राज, अभिनव राज और राज चौरसिया को तत्काल प्रभाव से तीन महीने के लिए निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान तीनों छात्र कक्षाओं में शामिल नहीं हो सकेंगे और न ही संस्थान की शैक्षणिक सुविधाओं का इस्तेमाल कर पाएंगे। उन्हें हॉस्टल का कमरा भी खाली करना होगा।

तीन महीने तक पढ़ाई और शैक्षणिक सुविधाओं पर रोक

जारी आदेश के अनुसार, निलंबन की अवधि में तीनों छात्रों को कक्षाओं में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। संस्थान की शैक्षणिक सुविधाओं के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी।

इसके साथ ही उन्हें आवंटित हॉस्टल का कमरा संबंधित वार्डन को सौंपने का निर्देश दिया गया है। निलंबन के दौरान संस्थान परिसर में रहने की अनुमति भी नहीं होगी। इस कार्रवाई से छात्रों के अनुशासन और रैगिंग से जुड़े मामलों में संस्थान के सख्त रुख का संकेत मिलता है।

निलंबन के बाद एंटी रैगिंग कमेटी करेगी समीक्षा

प्राचार्य कार्यालय के आदेश में कहा गया है कि तीन महीने की निलंबन अवधि पूरी होने के बाद मामला एंटी रैगिंग कमेटी (ARC) के समक्ष रखा जाएगा।

कमेटी संबंधित तथ्यों और अभिलेखों की समीक्षा करेगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) और संस्थान के लागू नियमों के अनुरूप होगी।

रैगिंग की घटना का पूरा ब्योरा आदेश में नहीं

प्राचार्य कार्यालय की ओर से जारी आदेश में कथित रैगिंग की घटना की प्रकृति, घटना की तारीख और आरोपों से जुड़े विस्तृत तथ्यों का उल्लेख नहीं है।

पीड़ित छात्र की पहचान का भी विवरण नहीं दिया गया है। ऐसे में फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि किन विशिष्ट घटनाओं और तथ्यों के आधार पर तीनों छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई। मामले में आगे की स्थिति एंटी रैगिंग कमेटी की समीक्षा और उसके निर्णय के बाद स्पष्ट होगी।

हॉस्टल खाली करने का निर्देश, अधिकारियों को भेजी गई प्रतिलिपि

आदेश के मुताबिक, तीनों छात्रों को अपना आवंटित हॉस्टल कमरा खाली कर संबंधित वार्डन को सौंपना होगा। निलंबन की अवधि में वे हॉस्टल में नहीं रह सकेंगे और संस्थान परिसर में भी उनकी मौजूदगी पर रोक रहेगी।

आदेश की प्रतिलिपि संस्थान के निदेशक, डीन, संबंधित विभागाध्यक्षों, हॉस्टल वार्डन और सुरक्षा प्रभारी समेत अन्य अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

आगे की कार्रवाई कमेटी के फैसले पर निर्भर

तीन महीने का निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। अवधि पूरी होने के बाद एंटी रैगिंग कमेटी मामले की समीक्षा कर नियमानुसार आगे का फैसला लेगी।

ऐसे में छात्रों के संबंध में अंतिम कार्रवाई क्या होगी, यह कमेटी की समीक्षा और लागू नियमों के तहत लिए जाने वाले निर्णय पर निर्भर करेगा।