पटना [नलिनी रंजन]। अब मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई व प्रशिक्षण में शव की कमी बाधा नहीं बनेगी। मेडिकल छात्र एव नर्सिग छात्र-छात्राओंको चिकित्सा प्रक्रिया का प्रशिक्षण कृत्रिम शव के माध्यम से दिया जाएगा।

इंदिरा गाधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (आइजीआइएमएस) में इसके लिए स्किल लैब स्थापित की गई है। सूबे के मेडिकल छात्र, नर्सिग छात्र-छात्राएं, स्वयसेवी सस्थाओं के कार्यकर्ता और पुलिसकर्मियों को प्राथमिक चिकित्सा एव आपातकालीन चिकित्सा पद्धति की जानकारी प्रायोगिक रूप से दी जाएगी। स्किल लैब आइजीआइएमएस के प्रशासनिक भवन के चौथे फ्लोर पर होगी।

चिकित्सा छात्रों, नर्सिग कर्मियों को सुई देने का प्रशिक्षण

चिकित्सा छात्रों एव नर्सिग कर्मियों को मरीजों को सुई देने के सही तरीके की जानकारी कृत्रिम शव के माध्यम से दी जाएगी। इस शव में विशेष प्रकार का अलार्म लगा रहेगा। यदि कोई सुई देने में गलती करता है तो अलार्म बज उठेगा। नस में सुई देने की पद्धति से लेकर मासपेशी में सुई देने के सही तरीके से अवगत कराया जाएगा।

इन चीजों का प्रशिक्षण

इस बात का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा कि यदि किसी कहीं दुर्घटना में हाथ टूट-पैर टूट जाएं तो ऐसे समय में वहा से पीड़ित को कैसे सुरक्षित रूप में अस्पताल पहुंचाया जाए। इस प्रक्रिया में मरीज की दर्द कम करने से लेकर उन्हें बिना किसी अन्य क्षति के अस्पताल भेजना सुनिश्चित हो सके।

बेहोश मरीज को किस विधि, कितने अंतराल व कितनी बार एक मिनट में मुंह से सास दी जाए, बेहोश मरीज को मुंह में सास देने की पूरी तरीका की जानकारी दी जाएगी।

सुई देने की तरीका क्या है। किस विधि से मरीजों को कहा दी जा सकती है सुई, इसका भी प्रशिक्षण मिलेगा।

मरीजों का रक्तस्राव सीमित ससाधनों में कैसे रोकें। यदि नहीं रुकता है तो बचाव करते हुए कैसे अस्पताल पहुंचाया जाए।

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स्किल लैब चौथे फ्लोर पर बनकर तैयार हो गई है। इसका उद्घाटन 14 अप्रैल को स्वास्थ्य मत्री करेंगे। इससे मेडिकल छात्र, नर्सिग कर्मी, स्वयसेवी सस्थाओं के कार्यकर्ता और पुलिस कर्मियों को प्राथमिक चिकित्सा एव आपातकालीन चिकित्सा पद्धति से प्रशिक्षित किया जा सकता है।

- डॉ. मनीष मडल, चिकित्सा अधीक्षक, आइजीआइएमएस

Posted By: Jagran