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पटना में शिक्षक-कर्मियों के वेतन में बड़ा खेल, 20% की जगह बांटा 200% HRA; 76 लाख के फर्जीवाड़े में दो सस्पेंड

Published: Fri, 16 Oct 2026 07:55 AM (IST)

पटना के एफएनएस एकेडमी उच्च माध्यमिक विद्यालय में आवास भत्ता भुगतान में अनियमितता पर शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। ...और पढ़ें

फर्जीवाड़े में दो निलंबित (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

फर्जीवाड़े में दो निलंबित (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. एफएनएस एकेडमी में 76 लाख रुपये का HRA घोटाला।

  2. दो स्कूल कर्मी निलंबित, DEO लिपिकों पर प्राथमिकी।

  3. अतिरिक्त भुगतान राशि वापस, ब्याज वसूली लंबित।

राज्य ब्यूरो, पटना। पटना के गुलजारबाग स्थित एफएनएस एकेडमी उच्च माध्यमिक विद्यालय में वेतन भुगतान अनियमितता के मामले में शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। आवास भत्ता मद में तय दर से अधिक राशि के भुगतान के मामले में विद्यालय के लिपिक विजय कृष्ण विद्यार्थी और परिचारी संजू कुमारी को निलंबित कर दिया गया है। 

वहीं, इस प्रकरण में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय, पटना के लिपिक मनीष कुमार और तत्कालीन लिपिक अमित कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी की गई है। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने के लिए भी अनुरोध भेजा गया है।

76,71,983 रुपये का अतिरिक्त भुगतान

महालेखाकार, बिहार की आडिट टीम ने बीते 6 अगस्त को विद्यालय में कार्यरत उक्त दोनों कर्मियों को नवंबर 2024 से अप्रैल 2025 तथा अक्टूबर 2025 के दौरान आवास भत्ता मद में निर्धारित 20 प्रतिशत के स्थान पर 200 प्रतिशत एवं अधिक दर से भुगतान किए जाने का मामला संज्ञान में लाया था। 

इस दौरान कुल 76,71,983 रुपये का अतिरिक्त भुगतान किए जाने की बात सामने आई। मामले की जानकारी मिलने के बाद डीईओ कार्यालय ने दोनों कर्मियों को अधिक भुगतान की गई राशि तीन दिनों के अंदर सरकारी कोष में वापस करने का निर्देश दिया। 

इसके बाद 14 अगस्त को दोनों कर्मियों ने नौ चेक के माध्यम से कुल 76,71,983 रुपये वापस किए। यह राशि 20 अगस्त को नौ चालानों के माध्यम से कोषागार में जमा करा दी गई।

राशि पर ब्याज की वसूली और स्पष्टीकरण 

हालांकि, अधिक भुगतान की गई राशि पर ब्याज की वसूली और स्पष्टीकरण के मामले में दोनों कर्मियों ने निर्देशों का अनुपालन नहीं किया। इस संबंध में बीते 10 सितंबर को दोनों से स्पष्टीकरण मांगा गया था और ब्याज की राशि जमा करने का निर्देश दिया गया था। 

जवाब नहीं मिलने पर 3 अक्टूबर को पुनः 24 घंटे के अंदर राशि जमा करने का निर्देश जारी किया गया। इसके बावजूद ब्याज की राशि जमा नहीं की गई और स्पष्टीकरण भी उपलब्ध नहीं कराया गया। 

12 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज कराई

इस मामले में कार्यालय स्तर पर जवाबदेही तय करते हुए लिपिक मनीष कुमार एवं तत्कालीन लिपिक अमित कुमार के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है। दोनों के विरुद्ध 12 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। साथ ही, संबंधित क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक से विभागीय कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया गया है। 

इसके अलावा डीएम के निर्देश के आलोक में आठ सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति को एचआरएमएस प्रणाली लागू होने की तिथि से अब तक किए गए वेतन भुगतानों की सूक्ष्म एवं विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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