पटना [अमित आलोक]। बिहार में छठ महापर्व से न केवल हिंदू, बल्कि अन्य धर्मावलंबियों की भी आस्था गहरे जुड़ी है। यहां मुसलमान, इसाई व सिख परिवार भी छठ व्रत उत्साह व श्रद्धा के साथ करते हैं। गोपालगंज में तो एक गांव ऐसा है, जहां कई मुसलमान परिवार छठ करते हैं। इसी तरह कटिहार के बरारी प्रखंड में करीब 60 सिख परिवार छठ व्रत करते हैं।

गोपालगंज के चनावे गांव में मुसलमान करते छठ

गोपालगंज के थावे प्रखंड में एक गांव है - 'चनावे', जहां कई मुसलमान परिवार वर्षों से छठ करते आ रहे हैं।

गांव के हसमुद्दीन अंसारी (40) का परिवार तीन साल से छठ कर रहा है। हसमुद्दीन की चार बेटियां हैं। उन्होंने बताया कि छठी मैया से बेटे की मन्नत मांगी, जो पूरी हुई। इसके बाद उनकी पत्नी नेशा खातून तीन साल से छठ कर रही हैं। नेशा ने बताया कि उनका परिवार गांव के पोखर के किनारे साफ-सफाई करता है, फिर वहां वे लोग छठ पूजा करते हैं। गांव की हिन्दू महिलाएं इसमें सहयोग देती हैं।

चनावे गांव के ही राजा हुसैन की पत्नी शाहजहां 10 वर्षों से छठ कर रही हैं। उन्होंने बेटा होने की मन्नत पूरी होने पर व्रत शुरू किया। गांव के अरमान अंसारी व हसीना खातून आदि भी छठ व्रत रखने वालों में शामिल हैं।

मिसाल है सद्भाव : गांव के निवासी नरेंद्र सिंह के अनुसार वे बचपन से ही हिंदू व मुसलमान धर्मावलंबियों को छठ पर्व करते देख रहे हैं। गांव में करीब 150 हिन्दू और करीब 20 मुसलमान परिवार सद्भाव से रहते हैं।

यहां चार दर्जन सिख परिवार भी रखते व्रत

गोपालगंज की तरह ही कटिहार के बरारी प्रखंड में रहने वाले लगभग चार दर्जन सिख परिवार भी छठ पर्व करते हैं। वे 10 साल से पूरी निष्ठा के साथ काढ़ागोला घाट व ब नदी तट पर छठ करते आ रहे हैं।

बरारी की पूर्व प्रखंड प्रमुख नीलम कौर बताती हैं कि वे कई वर्षों से छठ कर रही हैं। बरारी के संपूर्ण सिंह, सुरजीत सिंह, सरदार हरभजन सिंह, माल सिंह, अरविंद सिंह तथा गुरुदयाल सिंह आदि ने कहा कि छठ से उनकी आस्था जुड़ी है।

Posted By: Amit Alok