मसौढ़ी (पटना), संवाद सहयोगी।  मसौढ़ी थाना के एक मोहल्ले में एक युवक की 12 दिसंबर को होने वाली शादी को लेकर घर मे जोर शोर से तैयारियां चल रही थी। इसी बीच वधू पक्ष के एक कॉल ने सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया । बताया जाता है कि कन्या पक्ष के लोगों ने बिना वजह बताए ही शादी करने से साफ इंकार कर दिया। वर पक्ष को 12 दिसंबर को बरात लेकर आने से मना कर दिया। इस खबर से वर पक्ष के घर में शादी को लेकर व्याप्त उत्साह अचानक मायूसी में तब्दील हो गई। शादी को लेकर घर में आए मेहमान व रिश्तेदार सभी आवाक रह गए। इसके बाद मामला थाना तक जा पहुंचा और वर पक्ष के लोगों ने थानाध्यक्ष से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। इधर जब थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक ने वधू पक्ष के मोबाइल नंबर पर काल कर वजह की जानकारी लेने का प्रयास किया तो वधू पक्ष ने वजह साफ मना कर दिया। कहा कि अब वे लोग किसी भी हाल में यह शादी नहीं कर सकते ।

पांच दिसंबर को हुआ था तिलक समारोह

मिली जानकारी के मुताबिक थाना के एक मोहल्ले के एक युवक की शादी तय हुई थी।बीते 5 दिसंबर को तिलक की रस्‍म भी पूरी हो गई थी और शादी का कार्ड भी बांटा जा चुका था। घर में मेहमानोंं व रिश्तेदारों का आना भी शुरू हो चुका था। शादी को लेकर घर मे उत्साह का माहौल था। लोग बरात जाने को लेकर उत्साहित थे। इसी बीच वधू पक्ष द्वारा वर पक्ष को फोन कर शादी करने से इंकार करते हुए बारात नही आने की हिदायत दी गई। हालाकि शादी न करने का कारण उन्होंने नही बताया।  वर पक्ष ने शादी कार्ड बांट दिए जाने व सारी तैयारियां पूरी कर लिए जाने की दुहाई देते हुए शादी नहीं होने पर पर अपनी जग हंसाई होने का भी हवाला दिया । लेकिन इसका भी कोई असर वधू पक्ष पर नही पड़ा।

उसी तिथि में दूसरी लड़की से शादी करने की तैयारी

कन्या पक्ष के लोगों के द्वारा शादी से साफ इंकार किए जाने के बाद अपनी प्रतिष्ठा और सम्मान बचाने के लिए वर पक्ष के लोगों ने उसी तिथि में किसी दूसरी लड़की से शादी करने की तैयारी शुरू कर दी । बताया जाता है कि आनन -फानन में एक जगह रिश्ता तय हो जाने की बात भी कही जा रही है । इस बाबत वर पक्ष के लोगों ने पुलिस से भी मदद की गुहार लगाई है । इस संबंध में थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक ने बताया कि कन्या पक्ष के लोगों को इसकी जानकारी दे दी गई है और उन्हें 12 दिसंबर से पहले थाने पर आकर लिखित रूप से अपनी मंजूरी देने को कहा गया है ताकि भविष्य में कभी वर पक्ष के लोगों को किसी मुकदमे में फंसाया नही जा सके।

Edited By: Vyas Chandra