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बिहार के छात्रों के लिए एचसीएल टेक का मौका, 12वीं के बाद एक साल का प्रशिक्षण और 10 हजार स्टाइपेंड

Published: Fri, 11 Sep 2026 08:26 PM (IST)

एचसीएल टेक 12वीं पास छात्रों को एक साल का प्रशिक्षण और 10,000 रुपये मासिक स्टाइपेंड देगा, जिससे उन्हें रोजगार के ...और पढ़ें

विद्यार्थियों से नहीं लिया जाएगा कोई शुल्क

विद्यार्थियों से नहीं लिया जाएगा कोई शुल्क

HighLights

  1. एचसीएल टेक 12वीं पास छात्रों को देगा एक साल का प्रशिक्षण।

  2. प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को मिलेगा 10,000 रुपये मासिक स्टाइपेंड।

  3. बेहतर प्रदर्शन करने वालों को मिलेंगे रोजगार के अवसर, कोई शुल्क नहीं।

जागरण संवाददाता, पटना। पाटलिपुत्र सहोदया स्कूल काम्प्लेक्स के अध्यक्ष डा. राजीव रंजन सिन्हा ने शुक्रवार को ज्ञान भवन में कहा कि 12वीं के विद्यार्थियों को एचसीएल टेक में एक वर्ष का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण लेने वाले विद्यार्थियों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।

विद्यार्थियों से नहीं लिया जाएगा कोई शुल्क

डा. सिन्हा ने कहा कि प्रशिक्षण के लिए विद्यालय से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए एचसीएल टेक के साथ एमओयू करने की तैयारी चल रही है।

उन्होंने कहा कि इस पहल से विद्यार्थियों को पढ़ाई के बाद रोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

ज्ञान भवन में पीएसएससी अनुगूंज कार्यक्रम

ज्ञान भवन में पाटलिपुत्र सहोदया स्कूल काम्प्लेक्स, पटना की ओर से पीएसएससी अनुगूंज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन डा. राजीव रंजन सिन्हा, सीबीएसई पटना उत्कृष्टता केंद्र के प्रमुख राजीव कुमार शर्मा और सीबीएसई पटना के क्षेत्रीय अधिकारी गोपाल लाल यादव समेत अन्य अतिथियों ने किया। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

वर्ष में दो प्रशिक्षण सत्रों में लें हिस्सा

सीबीएसई पटना उत्कृष्टता केंद्र के प्रमुख राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि सीबीएसई शिक्षकों को अपनी शिक्षण गुणवत्ता और दक्षता निखारने के लिए वर्ष में कम से कम दो प्रशिक्षण सत्रों में हिस्सा लेना चाहिए। इसके अलावा विद्यालयों में शिक्षकों के लिए विषय-विशिष्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने चाहिए।

शिक्षक होते हैं बच्चों के पहले रोल मॉडल

राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि 'सहोदय' की मूल भावना ही सबको साथ लेकर चलना है। बीते एक वर्ष में पटना के स्कूलों ने सीबीएसई की गाइडलाइंस का उत्कृष्ट पालन किया है।

शिक्षक ही बच्चों के पहले रोल मॉडल होते हैं और उनकी सीख जीवनभर समाज में प्रतिध्वनित होती है। ज्ञान-विज्ञान के साथ बेहतर नागरिक बनने के संस्कार भी शिक्षक ही देते हैं।

शिक्षक समाज के सच्चे शिल्पकार

सीबीएसई पटना के क्षेत्रीय अधिकारी गोपाल लाल यादव ने कहा कि शिक्षक समाज के सच्चे शिल्पकार होते हैं। वे केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्य, अनुशासन और सही दृष्टिकोण का विकास करते हैं। अज्ञानता का अंधकार मिटाकर वे जागरूक और जिम्मेदार नागरिक तैयार करते हैं। किसी भी राष्ट्र की प्रगति और सुदृढ़ भविष्य की नींव शिक्षक के मार्गदर्शन पर टिकी होती है।

शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता

पाटलिपुत्र सहोदया स्कूल काम्प्लेक्स के अध्यक्ष डा. राजीव रंजन सिन्हा ने शैक्षणिक उत्कृष्टता, विद्यालयों के बीच सहयोग तथा शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास के प्रति पीएसएससी की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

गुरु-शिष्य के रिश्ते को प्रस्तुतियों से किया जीवंत

कार्यक्रम के दौरान बाल्डविन अकादमी के विद्यार्थियों ने 'अनुगूंज' गीत पर विषयगत प्रस्तुति दी। इसमें द्रोणाचार्य, एकलव्य, अर्जुन और श्रीकृष्ण के चरित्रों के माध्यम से गुरु-शिष्य के रिश्ते को प्रस्तुत किया गया।

बच्चों ने दर्शाया कि शिक्षक के शब्द, मार्गदर्शन और अपेक्षाएं विद्यार्थी के मन, निर्णयों और भविष्य पर कितना गहरा प्रभाव डालती हैं।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

इसके बाद रेडिएंट इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन पाटलिपुत्र सहोदया स्कूल काम्प्लेक्स की सचिव व सीबीएसई मास्टर ट्रेनर इंशा रहमान ने किया।