पटना । हैदराबाद से ट्रेनिंग कर लौटने के बाद पटना पहुंचे एसएसपी मनु महाराज जिले में आपराधिक घटनाओं के आंकड़े देखकर दंग रह गए। आनन-फानन में मंगलवार को शहरी क्षेत्र के तीनों प्रभाग के सभी एसपी, एसडीपीओ, सर्किल इंस्पेक्टर और थानाध्यक्षों को बुलाए गए। सुबह से देर शाम तक एसएसपी के चैंबर में क्राइम मीटिंग होती रही। इस दौरान एसएसपी ने संगीन कांडों के अनुसंधान और क्षेत्र में होने वाली घटनाओं के प्रति संजीदा नहीं रहने पर मातहतों की जमकर क्लास ली। साथ ही सवालों के जवाब देने की जगह बरगलाने की कोशिश करने वाले आधा दर्जन थानेदारों को चैंबर से बाहर निकाल दिया।

एसएसपी ने माना कि लगभग सभी थानों की परफॉर्मेस खराब है। उनपर मॉनीटरिंग रखने वाले अधिकारी भी अपनी धुन में मस्त रहे। न कोई अभियान चला और न ही किसी कांड का सही तरीके से अनुसंधान हुआ। उन्होंने थानेदारों को परफॉर्मेस सुधारने के लिए चार दिन का वक्त दिया है। एसएसपी ने दो टूक में कहा कि अपराध पर नियंत्रण लगाएं। रोजाना वारंट और कुर्की का निष्पादन करें। सबकुछ ठीक रहा, तभी थानेदारी बनी रहेगी वरना गाज गिरना तय है। वह स्वयं हर थाने की गतिविधि पर नजर रखेंगे। बुधवार को ग्रामीण क्षेत्रों के थानों की समीक्षा की जाएगी।

थानेदारों की हो रही ग्रेडिंग

एसएसपी सभी थानों की ग्रेडिंग तैयार कर रहे हैं। चार दिन तक उनके परफॉर्मेस के हिसाब से ए से डी तक ग्रेड दिए जाएंगे। ए ग्रेड में आने वाले थानेदारों की थानेदारी बरकरार रहेगी। बी ग्रेड के थानेदारों को दूसरा मौका मिल सकता है। सी ग्रेड के थानाध्यक्षों से थानेदारी छीन ली जाएगी और डी ग्रेड में आने वालों को जिलाबदर करने की अनुशंसा होगी।

पैरवीकारों को भेजा जाएगा परफॉर्मेस रिपोर्ट

सूत्र बताते हैं कि ऊंची पहुंच और पैरवी की बदौलत लंबे समय से एक ही थाने में मठाधीश की तरह जमे इंस्पेक्टर और दारोगा की परेशानी बढ़ गई है। इनमें अधिकांश थानेदार शहरी क्षेत्र में है। थानेदार बनने के बाद उनके क्षेत्र में कितनी घटनाएं हुई और उपलब्धियां क्या रहीं? एसएसपी उनका ब्योरा तैयार किया जा रहा है। अगर उन्होंने थानेदारी के लिए पैरवी कराई तो उनकी परफॉर्मेस रिपोर्ट पैरवीकारों को भेज दी जाएगी।

Posted By: Jagran