उचकागांव (गोपालगंज), संवाद सूत्र। Rail Accident in Gopalganj: गोपालगंज जिले के उचकागांव थाना क्षेत्र के लाइन बाजार-थावे रेलवे क्रॉसिंग पर एक बड़ा हादसा हो गया है। यहां फुलवरिया- हाजीपुर पैसेंजर ट्रेन और एक बोलेरो  में टक्कर हो गई। इस दौरान पैसेंजर ट्रेन रेलवे क्रॉसिंग से 300 मीटर दूर तक बोलेरो को रेलवे ट्रैक पर घसीटते चली गई। ट्रेन के ड्राइवर ने तत्काल ट्रेन का ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। इसके कारण बोलेरो चालक की जान बच गई। बताया जाता है कि फुलवरिया-हाजीपुर पैसेंजर ट्रेन फुलवरिया से हाजीपुर के लिए जा रही थी। इस मामले में दो बड़ी लापरवाहियां सामने आ रही हैं हादसे के दौरान मौके पर मौजूद ग्रामीणों की मानें तो बोलेरो चालक कान में ईयर फोन लगाकर गाड़ी चला रहा था। इसके कारण वह ट्रेन की आवाज नहीं सुन सका। बताया यह भी जा रहा है कि हादसे के वक्‍त रेलवे गुमटी का गेट खुला था।

लाइन बाजार हाल्‍ट से खुलने के बाद धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही थी ट्रेन

लाइन बाजार हाल्ट पर रुकने के बाद हथुआ जंक्शन जाने के लिए जाने के लिए ट्रेन रफ्तार पकड़ रही थी। इसी दौरान अमठा भुवन रेलवे क्रॉसिंग पर एक बोलेरो चालक अपने वाहन को रेलवे ट्रैक पर लेकर चला आया। इससे पैसेंजर ट्रेन और बोलेरो में टक्कर हो गई। ट्रेन बोलेरो को रेलवे ट्रैक पर 300 मीटर तक घसीटती चली गई। इसी बीच ट्रेन ड्राइवर ने ट्रेन को रोक दी। ट्रेन के रुकते ही मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बोलेरो का शीशा तोड़कर ड्राइवर को बाहर निकाला। बोलेरो से निकाले जाने के बाद चालक मौके से भाग निकला।

सवा घंटे की देरी से रवाना हो सकी ट्रेन

इस हादसे की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर उचकागांव थाना के पुलिस पदाधिकारी अजय कुमार तथा जीआरपी के एसआइ प्रवीण कुमार मामले की जांच पड़ताल कर रहे हैं। थाना क्षेत्र के अमठा भुवन रेलवे क्रॉसिंग पर बोलेरो गाड़ी और फुलवरिया-हाजीपुर पैसेंजर ट्रेन के बीच टक्कर के बाद यह ट्रेन अमठा भुवन रेलवे क्रॉसिंग पर एक घंटा 20 मिनट तक रुकी रही। ट्रेन ड्राइवर और स्थानीय ग्रामीणों के काफी प्रयास के बाद दुर्घटना के बाद ट्रेन में फंसी बोलेरो गाड़ी को अलग किया जा सका। इसके बाद अपने समय से एक घंटा 20 मिनट विलंब से पैसेंजर ट्रेन अपने गंतव्य की तरफ रवाना हो गई।

रेलवे क्रॉसिंग पर गेट तो है पर बंद करने वाला नहीं

अमठा भुवन रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे ने ट्रेन के सुरक्ष‍ित परिचालन के लिए गेट तो लगाया है, लेकिन इसे खोलने और बंद करने वाला कोई नहीं है। पैसेंजर ट्रेन के गुजरने के दौरान रेलवे क्रासिंग का फाटक बंद नहीं किया गया था। ग्रामीणों के मुताबिक यह गेट कभी बंद होता ही नहीं।